एशिया कप 2025 में 14 सितंबर को होने वाला भारत और पाकिस्तान का महामुकाबला सिर्फ क्रिकेट प्रेमियों ही नहीं, बल्कि पूरे देश की निगाहों का केंद्र बना हुआ है। लेकिन मैच से ठीक एक दिन पहले यानी 13 सितंबर को दुबई में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा विवाद खड़ा हो गया।
सूर्या और गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस से बनाई दूरी
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर के आने की उम्मीद थी। फैंस और मीडिया दोनों को इंतजार था कि वे भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर अपनी राय रखेंगे। लेकिन दोनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा नहीं लिया और इसकी बजाय सहायक कोच रयान टेन डोशैट को भेज दिया।
इस फैसले के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या सूर्या और गंभीर जानबूझकर भारत-पाकिस्तान मैच से जुड़े संवेदनशील सवालों से बचने की कोशिश कर रहे हैं? यह मुद्दा अब चर्चा का विषय बन गया है।
भारत में विरोध और आक्रोश
दरअसल, भारत में इस मैच को लेकर माहौल पहले से ही तनावपूर्ण है। हाल ही में हुए “ऑपरेशन सिंदूर” और जम्मू-कश्मीर में आतंकियों द्वारा 26 निर्दोष लोगों की हत्या ने लोगों के दिलों में गहरी चोट दी है। यही कारण है कि देश का एक बड़ा वर्ग पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलने का विरोध कर रहा है। कई जगहों पर प्रदर्शन भी देखे गए हैं और राजनीतिक हलकों में भी इस मुद्दे पर गरम बहस छिड़ी हुई है।
रयान टेन डोशैट का बयान
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवालों का सामना करते हुए रयान टेन डोशैट ने कहा: “आप बिल्कुल सही कह रहे हैं और आपने कुछ बेहतरीन उदाहरण दिए हैं कि खिलाड़ियों का इस्तेमाल कई बार विरोध के मंच के रूप में किया जाता है। लेकिन दूसरी तरफ यह भी है कि खेल और राजनीति को अलग-अलग रखा जाए। इस पर हर किसी की राय अलग-अलग हो सकती है। उम्मीद है कि जब हम पाकिस्तान के खिलाफ मैदान पर उतरेंगे, तो खिलाड़ियों की भावना देश के प्रति सम्मान और समर्पण को दिखाएगी। मैं स्थिति और जनता की भावनाओं को समझता हूं। लेकिन हम वही कर रहे हैं जो बीसीसीआई और भारत सरकार ने इस समय देशहित में सही समझा है।”
नतीजा
अब देखना यह होगा कि 14 सितंबर को होने वाले इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारत किस रणनीति और किस मानसिकता के साथ मैदान में उतरता है। एक ओर लोग मैच का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसका विरोध भी जारी है।


