पटना, 12 सितंबर 2025।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि “आज देश के ग्रामीण क्षेत्रों में जो कार्य हो रहे हैं, वे गांवों से मिले सबक और अनुभवों से ही आकार ले रहे हैं।” बिहार, जहां अधिकांश आबादी गांवों में रहती है, ग्रामीण विकास के इस एजेंडे का प्रमुख केंद्र रहा है। केंद्र सरकार की योजनाओं ने राज्य में अभूतपूर्व परिवर्तन की नींव रखी है।
मुख्य उपलब्धियां
- कृषि : 73.88 लाख से अधिक किसान पीएम-किसान योजना से लाभान्वित।
- पेयजल : 1.57 करोड़ ग्रामीण परिवारों को जल जीवन मिशन के तहत नल से जल की सुविधा।
- ऊर्जा : 2018 में सौभाग्य योजना के तहत 100% घरेलू विद्युतीकरण।
- आवास : पीएम आवास योजना-ग्रामीण के तहत 49 लाख से अधिक मकान स्वीकृत।
- स्वच्छ ऊर्जा : 1.16 करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाओं को उज्ज्वला योजना से एलपीजी कनेक्शन।
आजीविका और महिला सशक्तिकरण
- 2 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री ने बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ का शुभारंभ किया और ₹105 करोड़ का हस्तांतरण किया।
- 18 जुलाई 2025 को मोतिहारी में 61,500 स्वयं सहायता समूहों को ₹400 करोड़ जारी किए गए।
- बिहार ने 30.21 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है, जिनमें से 20 लाख महिलाएं इसे हासिल कर चुकी हैं।
बुनियादी ढांचा विकास
- पीएमजीएसवाई के तहत 53,419 किमी ग्रामीण सड़कें और 1,153 पुल तैयार।
- अगस्त 2025 में गया में ₹1,900 करोड़ लागत से बख्तियारपुर-मोकामा फोरलेन खंड का उद्घाटन।
- भारतनेट परियोजना के अंतर्गत 8,340 ग्राम पंचायतें सेवा के लिए तैयार।
कृषि और मत्स्य पालन
- पीएमएमएसवाई के तहत ₹548.13 करोड़ के निवेश से मछली उत्पादन और जलीय कृषि को बढ़ावा।
- फरवरी 2025 में खगड़िया में 10,000वें किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) की स्थापना।
- पश्चिमी कोशी नहर ईआरएम परियोजना से मिथिलांचल क्षेत्र के 50,000 हेक्टेयर में सिंचाई का लाभ।
आवास और स्वच्छता
- पीएमएवाई-जी के अंतर्गत 38.39 लाख मकान पूर्ण।
- 2014 से 2025 तक 1.39 करोड़ व्यक्तिगत शौचालय और 9,364 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का निर्माण।
स्वास्थ्य और कल्याण
- आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 4 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी।
- एक वर्ष में ही स्वास्थ्य पर खर्च में ₹1,000 करोड़ से अधिक की बचत।
- दरभंगा में एम्स की आधारशिला रखी गई।
प्रधानमंत्री की दृष्टि
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ग्रामीण भारत, विशेषकर बिहार, विकसित भारत के विज़न का आधार है। “बुनियादी ढांचा, आवास, स्वास्थ्य, कृषि और महिला सशक्तिकरण की यह गति आने वाले वर्षों में बिहार को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाएगी।”


