मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का “बिहार मॉडल” बना अन्य राज्यों के लिए उदाहरण

सीईओ सम्मेलन में बिहार की रणनीतियों की हुई सराहना, आयोग ने बताया उपयोगी अनुभव

नई दिल्ली/पटना, 11 सितम्बर।भारत निर्वाचन आयोग की ओर से नयी दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल मैनेजमेंट में तीसरे मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बिहार में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का मॉडल प्रस्तुत किया गया, जिसे आयोग ने अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए “सीख” और “उपयोगी अनुभव” बताया।

बिहार मॉडल की प्रस्तुति

बिहार के सीईओ विनोद सिंह गुंजियाल ने सम्मेलन में राज्य की रणनीतियों और सामने आई चुनौतियों पर विस्तार से प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार व्यापक स्तर पर मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम किया गया और किस रणनीति के माध्यम से अधिकतम पात्र नागरिकों को सूची में जोड़ा जा सका।

आयोग ने की सराहना

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सम्मेलन का उद्घाटन किया और कहा कि बिहार मॉडल अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायी है। निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी की मौजूदगी में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सीईओ ने अपनी-अपनी तैयारियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की।

महत्व

बिहार का यह मॉडल न केवल मतदाता सूची के अद्यतन में पारदर्शिता और गति लाने में सहायक रहा, बल्कि इसने अन्य राज्यों के लिए भी कारगर और दोहराने योग्य रणनीति उपलब्ध कराई है।


 

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