इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन टेक्नोलॉजी में GST का बड़ा बदलाव

तकनीक होगी सस्ती, घरेलू विनिर्माण को मिलेगा बल और टिकाऊ विकास को नई गति

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स और हरित प्रौद्योगिकी (Green Technologies) से जुड़े उत्पादों पर GST दरों का बड़ा पुनर्गठन (Rationalisation) किया है। इस फैसले से न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि घरेलू विनिर्माण (Domestic Manufacturing) को भी बढ़ावा मिलेगा और सतत विकास (Sustainable Growth) की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

मुख्य बिंदु

  • एसी, डिशवॉशर और टीवी पर GST दर 28% से घटाकर 18% कर दी गई है। इससे आम उपभोक्ता को राहत मिलेगी और लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।
  • मॉनिटर और प्रोजेक्टर पर GST 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है। इससे शिक्षा संस्थानों, स्टार्टअप्स और ऑफिस सेटअप में लागत घटेगी।
  • इलेक्ट्रिक एक्यूम्युलेटर (Energy Storage Solutions) पर GST 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है, जिससे बैटरी और ऊर्जा भंडारण तकनीक अधिक सुलभ होगी।
  • टू-वे रेडियो (पुलिस, अर्धसैनिक बल और रक्षा में उपयोगी) पर GST 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है।
  • सोलर पैनल, नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण और कम्पोस्टिंग मशीनें अब 12% से घटाकर 5% की GST दर पर उपलब्ध होंगी। यह नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन एनर्जी को अपनाने में बड़ा कदम है।

आत्मनिर्भर भारत और ग्रीन फ्यूचर की ओर

सरकार का मानना है कि GST में यह बदलाव आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar Bharat) के विजन को मजबूत करेगा। MSMEs और स्टार्टअप्स को लागत में राहत मिलने से ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India) को नई गति मिलेगी। साथ ही, हरित ऊर्जा उपकरणों पर टैक्स घटने से देश में टिकाऊ और स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की रफ्तार तेज होगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम उपभोक्ताओं और उद्योग जगत, दोनों के लिए विन-विन स्थिति (Win-Win Situation) है।


 

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