
कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि दोपहर 3:38 बजे तक, इसके बाद चतुर्थी होगी प्रारंभ | पितरों के तर्पण और गणेश पूजन का रहेगा विशेष महत्व | राहुकाल दोपहर 12:00 से 1:30 बजे तक
पटना, 10 सितंबर।आज का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। बुधवार को कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि दोपहर 3:38 बजे तक रहेगी, इसके बाद चतुर्थी तिथि प्रारंभ होगी। आज पितृ पक्ष की तृतीया श्राद्ध होने के कारण पितरों के तर्पण और पूजन का विशेष महत्व है। वहीं, चतुर्थी तिथि में विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी का पर्व भी मनाया जाएगा।
पंचांग के अनुसार
- तिथि: कृष्ण पक्ष तृतीया (दोपहर 3:38 बजे तक), तत्पश्चात चतुर्थी
- वार: बुधवार
- संवत्सर: विक्रम संवत् 2082, शक संवत् 1947
- ऋतु: शरद
- सूर्य संक्रांति: दक्षिणायन
राहुकाल का समय
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, आज राहुकाल दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक रहेगा। इस अवधि में किसी भी शुभ कार्य, यात्रा या लेन-देन से बचना चाहिए।
धार्मिक महत्व
पितृ पक्ष में तृतीया तिथि पर तर्पण करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है। वहीं, चतुर्थी तिथि में गणेशजी की उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है। आज का दिन एक ओर पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर है तो दूसरी ओर विघ्नहर्ता गणेश की कृपा पाने का भी श्रेष्ठ समय है।


