रिकॉर्ड स्तर पर अपराधियों की गिरफ्तारी में जुटी बिहार पुलिस

जनवरी से जुलाई तक 2.28 लाख अभियुक्त जेल भेजे गए, 8,823 हार्डकोर अपराधी और 141 नक्सली भी दबोचे गए

पटना, 09 सितंबर।बिहार पुलिस अपराधियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चला रही है। इसी रणनीति का नतीजा है कि इस वर्ष जनवरी से जुलाई 2025 तक 2,28,188 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इनमें से 8,823 हार्डकोर अपराधी और 141 नक्सली शामिल हैं।

बड़ी उपलब्धि – हार्डकोर अपराधियों पर फोकस

गिरफ्तार किए गए कुल अपराधियों में करीब 40 प्रतिशत हार्डकोर अपराधी हैं। पुलिस का खास फोकस इन्हीं पर है। पकड़े गए नक्सलियों में एक से डेढ़ दर्जन इनामी नक्सली शामिल हैं, जिन पर 1-2 लाख रुपये तक का इनाम घोषित था।

पिछले वर्षों से बेहतर प्रदर्शन

  • 2024 में पूरे साल में 3.35 लाख अपराधी गिरफ्तार किए गए थे।
  • 2023 में 3.51 लाख, जबकि
  • 2022 में 3.46 लाख अपराधियों को दबोचा गया था।

मौजूदा वर्ष में केवल सात महीनों (जनवरी-जुलाई) में ही 2.28 लाख गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस का मानना है कि वर्ष समाप्त होते-होते यह आंकड़ा दोगुना हो सकता है, जो अब तक के वर्षों से कहीं अधिक होगा।

हथियार और कारतूस की बड़ी बरामदगी

अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ पुलिस का ध्यान अवैध हथियार और कारतूस की बरामदगी पर भी है।

  • 2025 (जनवरी-जुलाई): 16,301 कारतूस व 2,625 हथियार बरामद
  • 2024: 26,702 कारतूस व 4,917 हथियार
  • 2023: 30,201 कारतूस व 4,813 हथियार
  • 2022: 28,200 कारतूस व 4,288 हथियार

साल 2025 में अब तक अपराधियों से 38 नियमित या पुलिस से छीने गए हथियार भी बरामद किए जा चुके हैं।

अवैध मिनीगन फैक्ट्रियों पर कड़ी कार्रवाई

अवैध मिनीगन फैक्ट्रियों के खिलाफ भी पुलिस सख्त है।

  • 2025 (जनवरी-जुलाई): 36 फैक्ट्री ध्वस्त
  • 2024: 114 फैक्ट्री ध्वस्त
  • 2023: 55 फैक्ट्री ध्वस्त
  • 2022: 32 फैक्ट्री ध्वस्त

पुलिस की रणनीति

“अपराधियों, खासकर हार्डकोर अपराधियों की गिरफ्तारी पर विशेष फोकस है। सभी थानों को सूची बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। लंबे समय से फरार अपराधियों को दबोचने के लिए विशेष मुहिम चलाई जा रही है। इसमें स्थानीय पुलिस के साथ STF की भी अहम भूमिका है।”
पंकज कुमार दराद, एडीजी (विधि व्यवस्था), बिहार पुलिस


 

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