पूर्णिया में प्रशांत किशोर का नीतीश सरकार पर तीखा वार, कांग्रेस और चुनाव आयोग पर भी साधा निशाना

पूर्णिया, 8 सितंबर: जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) ने रविवार को अपनी बिहार बदलाव यात्रा के तहत रूपौली विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया और रूपौली हाई स्कूल मैदान में आयोजित ‘बिहार बदलाव जनसभा’ को संबोधित किया। जनसभा के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, कांग्रेस सांसद तारिक अनवर, राहुल गांधी और चुनाव आयोग को लेकर कई बड़े बयान दिए।


जनता के डर से योजनाओं का ऐलान: PK

PK ने नीतीश सरकार के हालिया फैसलों पर तंज कसते हुए कहा कि यह सब जन सुराज की बढ़ती लोकप्रियता का असर है। उन्होंने कहा:

“लोगों ने अभी वोट भी नहीं दिया है, सिर्फ जन सुराज की सभाओं में आना शुरू किया है और नीतीश कुमार ने पेंशन 400 से 1100 तक बढ़ा दी, आशा कार्यकर्ताओं और रसोइयों का मानदेय बढ़ा दिया, बिजली 125 यूनिट तक मुफ्त कर दी और अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय भी बढ़ गया। यह जनता का डर है कि नीतीश सरकार ऐसे ऐलान कर रही है।”

उन्होंने आगे कहा कि पहले नीतीश कुमार को लगता था कि लोग लालू प्रसाद यादव के डर से वोट देंगे, लेकिन अब जनता को जन सुराज के रूप में विकल्प मिल गया है और लोगों ने मन बना लिया है कि वे बदलाव चाहते हैं।


तारिक अनवर और राहुल गांधी पर तंज

PK ने कटिहार के कांग्रेस सांसद तारिक अनवर के हालिया बाढ़ निरीक्षण पर निशाना साधते हुए कहा:

“तारिक अनवर का कंधे पर बैठकर निरीक्षण करना कांग्रेस नेताओं की राजशाही मानसिकता को दर्शाता है।”

उन्होंने राहुल गांधी पर भी कटाक्ष किया और कहा:

“राहुल गांधी बिहार आए और सिर्फ 6 दिन में ही बिहार की सभी समस्याओं को समझकर चले गए। यह दिखाता है कि कांग्रेस अब भी जनता से कट चुकी है।”


सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत

PK ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का स्वागत किया जिसमें आधार कार्ड को SIR के लिए मान्य दस्तावेज माना गया है। उन्होंने कहा:

“हम पहले से कह रहे थे कि जिनके पास आधार है, उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं। चुनाव आयोग को नागरिकता तय करने का अधिकार नहीं है। अगर 2-4 लोगों का नाम कट भी गया, तो बाकी जनता नीतीश कुमार और भाजपा को सबक सिखाने के लिए काफी है।”


राजनीतिक मायने

प्रशांत किशोर के इन बयानों से यह साफ हो गया है कि उनकी रणनीति नीतीश कुमार की नीतियों और कांग्रेस की कार्यशैली दोनों को निशाने पर लेने की है। एक ओर वे नीतीश सरकार को जन सुराज के उभरते विकल्प से भयभीत दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, तो दूसरी ओर कांग्रेस को जनता से कटा हुआ और राजशाही सोच वाला दल करार दे रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट पर उनका बयान चुनावी नैरेटिव को सीधे आधार और नागरिकता के सवाल से जोड़ता है, जिससे ग्रामीण और गरीब तबके में भरोसा बनाने की कोशिश की जा रही है।


 

  • Related Posts

    होर्मुज स्ट्रेट पार कर रहा भारत का LPG जहाज ‘शिवालिक’, सुरक्षा में तैनात भारतीय नौसेना के युद्धपोत

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    साइकिल दुकान की आड़ में गैस की कालाबाजारी का भंडाफोड़, 24 घरेलू सिलेंडर बरामद; दुकानदार गिरफ्तार

    Share Add as a preferred…

    Continue reading