उदय सिंह बोले- नीतीश जी राह भटक गए, अब इतिहास में नाम स्वर्णाक्षरों में नहीं लिखा जाएगा
पटना, 6 सितंबर – बिहार की सियासत में शुक्रवार को बड़ा फेरबदल हुआ जब जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता दसई चौधरी और भुवन पटेल अपने कई समर्थकों के साथ जन सुराज पार्टी में शामिल हो गए।
पटना स्थित पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह के शेखपुरा हाउस आवास पर आयोजित मिलन समारोह में दोनों नेताओं का पीला गमछा पहनाकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, प्रदेश संगठन महामंत्री सुभाष कुशवाहा, पूर्व सांसद सीताराम यादव, पूर्व MLC रामबली चंद्रवंशी और सुधीर शर्मा भी मौजूद रहे।
उदय सिंह का हमला: “नीतीश जी राह भटक गए”
जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने कहा –
“ये सभी लंबे समय तक नीतीश जी के साथ रहे हैं। नीतीश जी ने कभी अच्छे लोगों को साथ लेकर राह शुरू की थी, लेकिन अब वह रास्ता भटक गए हैं। अब उनके चारों ओर ऐसे लोग हैं, जो बिहार को बर्बादी की ओर ले जा रहे हैं। इतिहास में उनका नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज नहीं होगा।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नेता केवल पद न मिलने के कारण जदयू नहीं छोड़ रहे, बल्कि पार्टी में काम की गुंजाइश न मिलने और “घुटन” महसूस होने के कारण अलग हो रहे हैं।
दसई चौधरी बोले – “हम पर ध्यान देना बंद कर दिया”
जन सुराज में शामिल होने के बाद पूर्व मंत्री और जदयू नेता दसई चौधरी ने कहा –
“हमने नीतीश जी को तन-मन-धन से समर्थन दिया। लेकिन न संगठन में और न ही सरकार में हमें कभी सहभागी बनाया गया। बार-बार अनुरोध और मुलाकातों के बावजूद कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। फिर प्रशांत किशोर जी ने हमें सम्मान के साथ पार्टी में काम करने का न्योता दिया।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें किसी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं है –
“मैं संगठन में काम करने आया हूं। विधायक, सांसद और मंत्री रह चुका हूं, अब पद की कोई चाहत नहीं है।”
भुवन पटेल का तंज – “अब नीतीश जी के लोग ही सरकार चला रहे हैं”
भुवन पटेल ने कहा कि वे समता पार्टी के संस्थापक सदस्य रहे हैं और बिहार-यूपी में पार्टी संगठन में अहम जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
उन्होंने कहा –
“नीतीश कुमार सबसे जीनियस मुख्यमंत्री हैं, लेकिन उम्र के चलते उनकी शारीरिक क्षमता कम हो रही है। अब उनके आसपास के लोग ही सरकार चला रहे हैं। पुराने कार्यकर्ताओं की कहीं सुनवाई नहीं है। यही वजह है कि मैंने जन सुराज से जुड़ने का फैसला किया।”


