पटना, 4 सितंबर 2025 –बिहार के मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में पोस्ट ग्रेजुएट (PG) की करीब 400 नई सीटें जल्द ही उपलब्ध होंगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चल रही इस कवायद से एमबीबीएस उत्तीर्ण छात्रों को राज्य से बाहर पीजी करने की विवशता खत्म होगी, साथ ही प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी भी काफी हद तक दूर हो जाएगी।
फिलहाल इतनी हैं सीटें
- वर्तमान में बिहार में डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (DNB) के तहत पीजी की सिर्फ 192 सीटें हैं।
- हाल ही में 80 नई सीटों का प्रस्ताव राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड को भेजा गया था, जिसमें से 12 सीटों की स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि शेष 68 सीटों की मंजूरी प्रक्रिया में है।
- इसके अलावा, 150 नई सीटों का प्रस्ताव भी चरणबद्ध तरीके से भेजा जा रहा है।
कुल मिलाकर 400 सीटें होंगी
इन सभी प्रस्तावों के बाद बिहार में 400 पीजी सीटें हो जाएंगी।
- इनमें से 50% सीटें बिहार के मेडिकल कॉलेजों से पास आउट छात्रों के लिए आरक्षित रहेंगी।
- इससे स्थानीय छात्रों को राज्य के भीतर ही स्पेशलाइजेशन करने का मौका मिलेगा।
जिला अस्पतालों में भी बढ़ेगी सुविधा
- दो साल पहले तक बिहार में पीजी सीटों की संख्या बेहद कम थी।
- अब यह सुविधा 21 जिला अस्पतालों में उपलब्ध है।
- शेष 14 जिलों के अस्पतालों में भी पीजी सीटें उपलब्ध कराने की कोशिश तेज़ी से जारी है।
किन-किन विभागों में मिलेंगी सीटें?
नव स्वीकृत और प्रस्तावित सीटें मुख्य रूप से इन विभागों में होंगी –
- हड्डी रोग (Orthopedics)
- मातृ एवं शिशु रोग
- मानसिक रोग (Psychiatry)
- कैंसर (Oncology)
- पीडियाट्रिक्स
- जनरल मेडिसिन
- एनेस्थिसियोलॉजी
- प्रसूति रोग (Obstetrics)
- फॉरेंसिक मेडिसिन
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी होगी दूर
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बिहार में अब तक पीजी की सीटें कम होने के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी अन्य राज्यों या विदेशों का रुख करते थे। सीटें बढ़ने से न सिर्फ छात्रों को राहत मिलेगी, बल्कि राज्य के अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता भी बढ़ेगी।


