भागलपुर। बिहार जल्द ही ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचने वाला है। ज़िले के पीरपैंती प्रखंड में बन रहा राज्य का सबसे बड़ा थर्मल पावर प्लांट अब उद्घाटन के कगार पर है। मंगलवार को ऊर्जा विभाग के मुख्य सचिव मनोज कुमार और मैनेजिंग डायरेक्टर महेन्द्र कुमार ने हेलीकॉप्टर से परियोजना स्थल पहुंचकर निरीक्षण किया।
स्थल पर डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी, एसएसपी हृदयकांत, ऊर्जा विभाग के अधिकारी और अडानी ग्रुप के प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया।
बैठक और समीक्षा
मुख्य सचिव ने ट्रायसम भवन में आयोजित बैठक में परियोजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अक्टूबर माह तक पेयरिंग का काम पूरा कर अडानी ग्रुप को सौंप दिया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि –
“यह पावर प्लांट बिहार के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इसके शुरू होने से राज्य की आधी से अधिक बेरोजगारी खत्म हो सकती है।”
रोजगार और आर्थिक बदलाव
निरीक्षण के बाद डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि काम शुरू होने से पहले कुछ छोटे-छोटे मुद्दों पर चर्चा हुई है, जिन्हें जल्द सुलझा लिया जाएगा।
उन्होंने कहा –
“इस परियोजना से आने वाले वर्षों में क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा और स्थानीय लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा।”
प्रखंड प्रमुख रश्मि कुमारी ने भी भरोसा जताया कि स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था
मुख्य सचिव के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। जगह-जगह नाकाबंदी और वाहनों की जांच की गई।
ग्रामीणों में उत्साह
गांव के लोगों में पावर प्लांट को लेकर भारी उत्साह है। उनका मानना है कि अब तक वे केवल ठेका और मजदूरी के काम तक सीमित थे, लेकिन पावर प्लांट शुरू होने के बाद उन्हें तकनीकी और स्थायी नौकरियों के अवसर भी मिलेंगे।
हालांकि उद्घाटन की तिथि अभी तय नहीं की गई है, लेकिन विभागीय स्तर पर तैयारियां तेज़ हो गई हैं। यह परियोजना पूरे क्षेत्र के लिए विकास और उम्मीद की नई रोशनी लेकर आने वाली है।


