
पटना। बिहार को नया मुख्य सचिव मिल गया है। 1991 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी प्रत्यय अमृत ने राज्य के मुख्य सचिव का पदभार संभाल लिया है। एक्सटेंशन नहीं मिलने के कारण 31 अगस्त को मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा सेवानिवृत्त हो गए थे, जिसके बाद सरकार ने प्रत्यय अमृत को यह जिम्मेदारी सौंपी।
नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद अफसर
प्रत्यय अमृत को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सबसे करीबी IAS अधिकारियों में गिना जाता है। सड़क, बिजली और पुल निर्माण निगम को पटरी पर लाने में उनकी भूमिका हमेशा चर्चा में रही है। एक समय पुल निर्माण निगम को बंद करने की नौबत आ गई थी, लेकिन अमृत की कार्यशैली ने उसे मुनाफे में बदल दिया। इसके लिए उन्हें प्रधानमंत्री से अवार्ड भी मिल चुका है।
विधानसभा चुनाव सबसे बड़ा टेस्ट
बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में मुख्य सचिव के रूप में प्रत्यय अमृत की पहली और सबसे अहम जिम्मेदारी चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना होगा। उनका कार्यकाल लंबा है और वह 31 जुलाई 2027 तक सेवा देंगे।
गोपालगंज से दिल्ली तक का सफर
- 7 जुलाई 1967 को गोपालगंज के हथुआ में जन्म।
- पिता डॉ. रिपु सूदन श्रीवास्तव जेपी विश्वविद्यालय छपरा के कुलपति रहे।
- मां कविता वर्मा हिंदी की प्राध्यापिका थीं।
- सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली से स्नातक की पढ़ाई के बाद 1991 में IAS बने।
प्रशासनिक अनुभव
प्रत्यय अमृत कटिहार, छपरा और जहानाबाद जैसे जिलों में डीएम रह चुके हैं।
- कटिहार में अस्पतालों में PPP मॉडल लागू करने के कारण चर्चित हुए।
- ऊर्जा, पथ निर्माण, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य जैसे अहम विभागों की कमान संभाली।
- बिहार में बिजली और सड़कों की तस्वीर बदलने का श्रेय भी इन्हें जाता है।
परिवार में भी IAS परंपरा
प्रत्यय अमृत की पत्नी डॉ. रत्ना श्रीवास्तव पटना के ए.एन. कॉलेज में प्राध्यापिका हैं। उनका एक बेटा और एक बेटी है। परिवार में कई अन्य सदस्य भी IAS हैं – बहन, बहनोई और यहां तक कि ससुर भी इस सेवा में रह चुके हैं।


