भागलपुर। गंगा और कोसी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से भागलपुर जिले के कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। रविवार शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर 33.74 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान 33.68 मीटर से छह सेंटीमीटर ऊपर है। बीते 24 घंटे में गंगा 12 सेंटीमीटर बढ़ी है। जल संसाधन विभाग के मुताबिक अगले तीन दिनों तक जलस्तर में और वृद्धि की संभावना है।
सुल्तानगंज और कहलगांव में हालात बिगड़े
- सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 34.50 मीटर से 1.26 मीटर ऊपर होकर 35.76 मीटर हो गया।
- कहलगांव में गंगा का जलस्तर एक मीटर ऊपर 32.09 मीटर तक पहुंच गया।
- निचले इलाकों में पानी घुस गया है। टीएमबीयू हॉस्टल, बूढ़ानाथ, सखीचंद घाट, दीपनगर, मानिक सरकार घाट और किलाघाट के आसपास कई घर जलमग्न हो गए हैं।
नाथनगर और आसपास के गांव जलमग्न
शंकरपुर, रत्तीपुर बैरिया, श्रीरामपुर और गोसाईंदासपुर में पानी भर गया है। निचले इलाकों में बने सैकड़ों घर जलमग्न हो चुके हैं। बाढ़ का पानी तीसरी बार बढ़ने से लोग फिर से ऊंचे स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।
कोसी भी उफान पर
नवगछिया अनुमंडल के कुरसेला में कोसी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 73 सेंटीमीटर ऊपर 30.73 मीटर तक पहुंच गया है। पानी तेजी से गांवों में घुस रहा है। जल संसाधन विभाग ने नवगछिया में हाई अलर्ट जारी किया है।
सुल्तानगंज में नमामि गंगे घाट डूबा
सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर बढ़ने से नमामि गंगे घाट जलमग्न हो गया है। घाट जाने वाली सड़क पर पानी बह रहा है, जिससे कांवरियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
चांदन नदी से किसानों की चिंता बढ़ी
अकबरनगर में चांदन नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ने लगा है। हाल की बाढ़ में फसल बर्बाद होने से परेशान किसान अब एक बार फिर संकट में पड़ गए हैं।
कटाव प्रभावितों की बैठक, वोट बहिष्कार की चेतावनी
सबौर के रंजदीपुर पंचायत में गंगा कटाव प्रभावित लोगों ने रविवार को बैठक की। उन्होंने रिंग बांध और स्थायी कटाव रोधी कार्य की मांग पूरी न होने पर आगामी विधानसभा चुनाव में वोट बहिष्कार का ऐलान किया।
प्रशासन अलर्ट पर
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता ने कहा कि गंगा राइजिंग मोड में है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। फ्लड फाइटिंग टीम हर जगह सक्रिय है और तटबंधों की निगरानी के लिए संवेदक 24 घंटे तैनात हैं।


