मीरजापुर। कटरा कोतवाली पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बिहार के मुंगेर से असलहा लाकर बेचने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस ने 11 तखवां पुलिया के पास से गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 32 बोर की तीन पिस्टल, 12 बोर का एक तमंचा, 315 बोर का एक तमंचा, तीन मैगजीन, सात कारतूस और छह मोबाइल बरामद किए।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर नितेश कुमार सिंह ने रविवार को पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता कर बताया कि गिरोह के सदस्य अवैध हथियार खरीदकर हत्या और चुनावी दबदबे के लिए बेचने का काम कर रहे थे। समय रहते पुलिस ने छापेमारी कर बड़ी घटना को टाल दिया। सभी आरोपितों के खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि मुंगेर से असलहे लाकर वाराणसी, मीरजापुर और सोनभद्र में बेचे जा रहे हैं। सूचना पर एएसपी नगर के नेतृत्व में कटरा कोतवाल वैद्यनाथ सिंह, उपनिरीक्षक चंद्रभान सिंह, एसओजी प्रभारी राजीव सिंह और सर्विलांस प्रभारी मानदेंद्र सिंह की टीम सक्रिय हुई। शनिवार देर रात क्षेत्र के 11 तखवा लोहंदी के पास संदिग्ध युवकों को घेराबंदी कर पकड़ा गया।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान इस प्रकार है—
- संदीप कुमार बिंद (अर्जुनपुर गांव, देहात कोतवाली)
- अरविंद कुमार बिंद (अर्जुनपुर नएपुरवा गांव, देहात कोतवाली)
- देव प्रकाश बिंद (अर्जुनपुर, देहात कोतवाली)
- आशीष कुमार बिंद (कंदवा गांव, थाना रोहनिया, वाराणसी)
- प्रदीप कुमार उर्फ खेसारी बिंद (खरहरा गांव, देहात कोतवाली)
- सूरज बिंद (सहदईया बैड़ाड़ गांव, थाना कर्मा, सोनभद्र)
पूछताछ में मुख्य आरोपित संदीप व अरविंद ने कबूल किया कि वे लोग मुंगेर से सस्ते दामों पर हथियार खरीदकर आसपास के जिलों में बेचते थे। उनके जरिए पकड़े गए अन्य चार आरोपितों को भी असलहे बेचे जा चुके थे।
पुलिस की इस उपलब्धि पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेने बर्मा ने टीम को 15 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की।


