पटना। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत ने आज (28 अगस्त 2025) बैंक धोखाधड़ी मामले में दो आरोपियों को कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।
किसे मिली सजा?
- राणा अशोक कुमार सिंह उर्फ़ दीना सिंह को 3 साल की कठोर कैद और ₹7 लाख का जुर्माना।
- अनिल कुमार श्रीवास्तव को 1.5 साल की कठोर कैद और ₹17,500 का जुर्माना।
मामला क्या था?
यह मामला वर्ष 1991 का है, जब आरोपियों ने आलाहाबाद बैंक, एग्ज़िबिशन रोड, पटना से ₹2,60,000 का लोन लेने के लिए जाली राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (NSC) गिरवी रखे थे। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने प्रेस के एक कर्मचारी की मदद से फर्जी NSC तैयार किए और उन्हें असली जैसा दिखाने के लिए प्रिंटिंग मशीन का इस्तेमाल किया गया।
CBI जांच और चार्जशीट
CBI ने इस मामले में 07 फरवरी 1996 को केस दर्ज किया था और 30 अप्रैल 1998 को आरोपपत्र दाखिल किया था। इसमें कुल 5 लोग आरोपी बनाए गए थे, जिनमें बैंक अधिकारी भी शामिल थे।
कोर्ट का निर्णय
- अदालत ने राणा अशोक कुमार सिंह और अनिल कुमार श्रीवास्तव को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
- गंगा सागर और बिंदेश्वरी सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।
- मामले के एक आरोपी शशि भूषण पांडे, तत्कालीन शाखा प्रबंधक, की ट्रायल के दौरान मृत्यु हो गई थी।


