
वैज्ञानिक साक्ष्यों और सतत मॉनिटरिंग से अपराधियों को न्यूनतम समय में अधिकतम सजा, समाज में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा
पटना, 28 अगस्त 2025। वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा के निर्देशन में पटना पुलिस ने गंभीर और जघन्य अपराधों में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की है। तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और आरोप पत्र समर्पित कर, कोर्ट प्रभारी, लोक अभियोजक और संबंधित इकाइयों की निगरानी में अपराधियों को न्यूनतम समय में अधिकतम सजा दिलाई जा रही है।
विगत जुलाई माह में पटना पुलिस द्वारा प्रभावी मॉनिटरिंग और समन्वित प्रयासों के तहत कुल 49 गंभीर और जघन्य मामलों में स्पीडी ट्रायल के माध्यम से अभियुक्तों को सजायप्त किया गया। यह कदम न्यायिक प्रक्रिया को त्वरित एवं परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
प्रमुख सजायप्त मामले:
- थाना दीदारगंज (धारा 302 भा.द.वि. – हत्या)
- दोषी: गुनगुन प्रसाद, धर्मेन्द्र दास, शंभू दास, भरत दास
- सजा: आजीवन कारावास
- थाना कोतवाली (धारा 302 भा.द.वि.)
- दोषी: लक्ष्मी बेसरा
- सजा: आजीवन कारावास + 20,000 रुपये अर्थदंड (न चुका पाने पर 6 माह अतिरिक्त कारावास)
- थाना पीपरा (धारा 304 भा.द.वि.)
- दोषी: श्याम नारायण मिस्त्री
- सजा: 7 वर्ष का कारावास + 10,000 रुपये अर्थदंड (न जमा करने पर 6 माह अतिरिक्त कारावास)
- थाना धनरूआ (धारा 302 भा.द.वि.)
- दोषी: बिट्टू कुमार
- सजा: आजीवन कारावास + 10,000 रुपये अर्थदंड
- थाना दानापुर (धारा 376 भा.द.वि.)
- दोषी: सोनु कुमार
- सजा: 10 वर्ष कठोर कारावास + 20,000 रुपये अर्थदंड
- थाना पीपरा (धारा 304(B) और 120(B) भा.द.वि.)
- दोषी: अमरेश कुमार, देवाशीष यादव, संजु देवी
- सजा: 7-10 वर्ष का कारावास + अर्थदंड (न जमा करने पर अतिरिक्त कारावास)
- थाना पत्रकारनगर और चौक (पॉक्सो एक्ट संबंधित धाराएं)
- दोषी: लालबाबू सहनी, राकेश कुमार
- सजा: 3 वर्ष से 3 वर्ष कठोर कारावास + अर्थदंड (न जमा करने पर अतिरिक्त कारावास)
पटना पुलिस का संदेश:
पटना पुलिस ने बताया कि स्पीडी ट्रायल और सतत मॉनिटरिंग के कारण न केवल अपराधियों को समय पर सजा मिल रही है, बल्कि समाज में जघन्य अपराधों पर प्रभावी अंकुश भी लगाया जा रहा है।
पुलिस नागरिकों को आश्वस्त कर रही है कि अपराधियों के विरुद्ध यह सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी और आमजन में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत होगी।
मुख्य उद्देश्य:
- अपराधियों को शीघ्र न्याय दिलाना
- समाज में सुरक्षा का माहौल बनाना
- आम जनता को अपराधों से सुरक्षित रखना


