नई दिल्ली।भारत और अमेरिका के बीच जारी टैरिफ विवाद के दौरान रिश्तों में खटास की अटकलें तेज हो गई हैं। जर्मनी के एक प्रतिष्ठित अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैरिफ मुद्दे पर बात करने के लिए चार बार फोन किया, लेकिन पीएम मोदी ने कॉल रिसीव नहीं किया। हालांकि इस मामले पर न तो अमेरिकी प्रशासन और न ही भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है।
✦ पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
यह पहला मौका नहीं है जब पीएम मोदी ने किसी अमेरिकी नेता से बातचीत टाली हो। लोकसभा में खुद प्रधानमंत्री मोदी ने बताया था कि पाकिस्तान के साथ संघर्ष के दौरान 9 मई की रात, अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने उनसे 3-4 बार संपर्क करने की कोशिश की थी, लेकिन वे उस वक्त सशस्त्र बलों के साथ बैठकों में व्यस्त थे।
पीएम मोदी ने आगे कहा था कि जब उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति को फोन किया, तो उन्हें पाकिस्तान की ओर से बड़े हमले की चेतावनी दी गई। इस पर पीएम ने स्पष्ट जवाब दिया था—
- “अगर पाकिस्तान भारत पर हमला करता है, तो हमारा हमला कहीं ज्यादा बड़ा होगा, क्योंकि हम गोलियों का जवाब तोपों से देंगे।”
✦ अमेरिका-भारत टैरिफ विवाद
भारत और अमेरिका के लंबे समय से अच्छे रिश्ते रहे हैं, लेकिन ट्रंप के दोबारा व्हाइट हाउस में आने के बाद तनाव बढ़ने लगे।
- ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 25% टैरिफ लगाया।
- रूस से तेल खरीदने पर भी 25% अतिरिक्त टैरिफ लागू कर दिया।
इन फैसलों के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में खटास देखने को मिल रही है। हालांकि भारत सरकार का कहना है कि अभी भी भारतीय प्रतिनिधिमंडल और ट्रंप प्रशासन के बीच टैरिफ पर बातचीत जारी है।


