पटना, 25 अगस्त।बिहार सरकार की मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। इस योजना के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का निःशुल्क इलाज कराया जा रहा है। अप्रैल 2021 से अब तक 2317 बच्चों के हृदय का सफल ऑपरेशन हो चुका है।
कहाँ-कहाँ हुआ इलाज
- अहमदाबाद स्थित प्रशांति मेडिकल सर्विसेज एवं रिसर्च संस्थान (श्री सत्य साईं हृदय अस्पताल) – 1565 बच्चे
- पटना के इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान (IGIC) – 402 बच्चे
- पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) – 149 बच्चे
- पटना का जयप्रभा मेदांता अस्पताल – 201 बच्चे
साल दर साल लाभार्थियों की संख्या
- 2021-22 : 338 बच्चे
- 2022-23 : 410 बच्चे
- 2023-24 : 556 बच्चे
- 2024-25 : 764 बच्चे
- 2025-26 (अब तक) : 249 बच्चे
गरीब परिवारों के लिए सहारा
यह योजना उन परिवारों के लिए बड़ी राहत बनी है जो महंगे इलाज का खर्च उठाने में सक्षम नहीं थे।
योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी दस्तावेज
- बच्चे का आधार कार्ड या जन्म प्रमाण पत्र
- दो पासपोर्ट साइज फोटो
- माता-पिता का बिहार का निवासी होना अनिवार्य


