घुटने तक पैंट मोड़कर मखाना के खेत में उतरे राहुल गांधी, श्रमिकों से सुनी दर्दभरी दास्तां

कटिहार। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा शनिवार को जब कुरसेला से सिमरिया के बीच गुजर रही थी, तो उनका काफिला अचानक रुक गया। वजह थी – मखाना की खेती। राहुल गांधी ने खेत के पास काम कर रहे मजदूरों को देखा और तुरंत वहां पहुंच गए। उन्होंने अपनी पैंट घुटनों तक मोड़ी और तालाब में उतरकर किसानों-मजदूरों से उनकी तकलीफें सुनीं।

किसानों से सीधा संवाद

दरभंगा और मधुबनी से आए मखाना श्रमिकों ने राहुल गांधी को बताया कि विदेशों में मखाना 5 से 6 हजार रुपये प्रति किलो बिकता है, लेकिन यहां किसान और मजदूर मजबूरी में मात्र 600 रुपये प्रति किलो पर बेचने को विवश हैं। वहीं मजदूरों ने शिकायत की कि उन्हें पानी में घंटों खड़े रहकर मेहनत करनी पड़ती है, फिर भी केवल 40 रुपये प्रति किलो की मजदूरी मिलती है।

राहुल का आश्वासन

राहुल गांधी ने पूरी संवेदना के साथ उनकी बातें सुनीं और भरोसा दिलाया कि मखाना उद्योग को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि किसानों और व्यापारियों की आय में बढ़ोतरी हो सके। उन्होंने खुद मखाना तोड़कर देखा और चखा भी।

नेताओं की मौजूदगी

इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, सांसद पप्पू यादव, सीपीआई-एमएल के दीपांकर भट्टाचार्य, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी सहित कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। किसानों ने राहुल गांधी को उपहारस्वरूप मखाना का लावा भी भेंट किया।


 

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