पटना।बिहार की राजधानी पटना में मदरसा शिक्षा बोर्ड के 100 वर्ष पूरे होने के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में नीतीश कुमार मंच पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान द्वारा दी गई टोपी पहनने से साफ इनकार कर देते हैं और वही टोपी वापस मंत्री को ही पहना देते हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर अब सियासी घमासान छिड़ गया है।
आरजेडी का हमला
आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने नीतीश पर सीधा निशाना साधते हुए कहा—
“नीतीश कुमार ने टोपी पहनने से जिस तरह मना किया, यह साफ है कि वे आरएसएस और बीजेपी को नाराज़ नहीं करना चाहते। सत्ता के लिए उन्होंने अपने विचारों से समझौता कर लिया है।”
कांग्रेस ने बोला तंज, कहा ‘टोपी ट्रांसफर’
कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने इस घटना को ‘टोपी ट्रांसफर’ करार दिया। उनका कहना था कि—
“पहले वो टोपी पहनते थे तो पहनाते ही थे, आज मना कर दिया तो भी पहनाने का ही काम किया। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार उन्होंने टोपी पहनाने वाले को ही टोपी पहना दी। हो सकता है बीजेपी का दबाव हो। जेडीयू अल्पसंख्यक मोर्चा को पूछना चाहिए कि नीतीश जी किस दबाव में आए।”
पहले भी कर चुके हैं ‘अनोखे एक्शन’
यह पहली बार नहीं है जब नीतीश कुमार किसी कार्यक्रम में अपने अजीबोगरीब रिएक्शन की वजह से सुर्खियों में आए हों।
- हाल ही में एलएन मिश्रा इंस्टीट्यूट के मंच पर उन्होंने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा दिए गए गुलदस्ते को उनके माथे पर रख दिया था।
- एक कार्यक्रम में उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी का हाथ पकड़कर गौर से देखने लगे थे।
- वहीं अशोक चौधरी के माथे का टीका देखकर उन्होंने दूसरे मंत्रियों से माथा टकरा दिया था।
सोशल मीडिया पर मचा बवाल
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। कुछ लोग इसे नीतीश का राजनीतिक संतुलन मान रहे हैं, तो कुछ इसे बीजेपी-आरएसएस के दबाव से जोड़ रहे हैं।


