मुजफ्फरपुर, 20 अगस्त।देश की सुरक्षा में तैनात बिहार का एक और लाल ड्यूटी के दौरान शहीद हो गया। अरुणाचल प्रदेश के तवांग में हुए हादसे में मुजफ्फरपुर जिले के सरैया प्रखंड के सिउरी ऐमा गांव निवासी सूबेदार राकेश कुमार सिंह (50 वर्ष) ने प्राण न्यौछावर कर दिए। मंगलवार शाम उनका पार्थिव शरीर एयरलिफ्ट कर दानापुर आर्मी कैंप लाया गया और बुधवार को पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
हादसे के 10 दिन बाद मिला पार्थिव शरीर
9 अगस्त को सेना का ट्रक पोकलेन मशीन लेकर तवांग के पहाड़ी रास्ते से गुजर रहा था, तभी वह गहरी खाई में गिर गया। इस हादसे के बाद सूबेदार राकेश सिंह लापता हो गए थे। करीब दस दिनों तक लगातार खोजबीन चलती रही। अंततः सोमवार शाम भारतीय नौसेना की टीम ने उनका शव घटना स्थल से 12 किलोमीटर दूर पानी में फंसा हुआ बरामद किया।
1994 में भर्ती, 2026 में होना था रिटायरमेंट
राकेश सिंह सेना की 108 इंजीनियर रेजिमेंट की 2023वीं कंपनी में तैनात थे। वे वर्ष 1994 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और जनवरी 2026 में रिटायर होने वाले थे। उनके असमय शहीद हो जाने से सेना और गांव दोनों को गहरा आघात लगा है।
गांव में मातम और गर्व का माहौल
गांव में उनके शहादत की खबर मिलते ही कोहराम मच गया। लोग शोक में डूबे हैं, लेकिन गर्व भी है कि उनका बेटा देश की सेवा करते हुए शहीद हुआ। ग्रामीणों ने उन्हें मिलनसार, सादगीपूर्ण और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति बताया।
सैकड़ों लोगों ने दी अंतिम विदाई
बुधवार को रेवा घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ। अंतिम यात्रा में सैकड़ों की भीड़ उमड़ पड़ी और “भारत माता की जय” व “शहीद अमर रहें” के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
शहीद का परिवार
सूबेदार राकेश सिंह के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं, जो धनबाद में रहते हैं। उनके पिता गजन सिंह अब भी पैतृक गांव में रहते हैं।


