भागलपुर/पटना, 20 अगस्त 2025 – बिहार के बुनियादी ढांचे में एक नई उपलब्धि जुड़ने जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 22 अगस्त, 2025 को पवित्र गंगा नदी पर औंटा-सिमरिया 6-लेन पुल का उद्घाटन करेंगे।
यह परियोजना पटना जिले के मोकामा को बेगूसराय से जोड़ती है और उत्तर एवं दक्षिण बिहार के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करेगी। यह पुल लगभग सात दशक पुराने राजेंद्र सेतु का आधुनिक विकल्प है, जो वर्तमान में मरम्मत कार्य के कारण भारी वाहनों के लिए अनुपयुक्त था।
गंगा का विस्तार: क्षेत्रीय विकास और कनेक्टिविटी
महत्वपूर्ण एनएच-31 कॉरिडॉर पर बने इस पुल का कुल लंबाई 1.865 किमी और चौड़ाई 34 मीटर है। पुराने दो-लेन पुल के समानांतर बनाया गया यह नया पुल भारी वाहनों के लिए 100 किमी तक की यात्रा दूरी घटाएगा, जिससे समय, ईंधन और परिवहन लागत में सीधे बचत होगी।
पुल की आधुनिक संरचना न केवल यातायात में सुधार लाएगी, बल्कि उत्तर और दक्षिण बिहार के समुदायों को जोड़ते हुए आर्थिक अवसर और आजीविका के लिए नए रास्ते खोलेगी।
प्रमुख विशेषताएँ
- पुल का डेक 34 मीटर चौड़ा और एकल खंडीय संरचना वाला भारत का सबसे चौड़ा अतिरिक्त पुल है।
- पुल का निर्माण पुराने राजेंद्र सेतु के समानांतर हुआ है।
- मोकामा (पटना) और बेगूसराय जिलों के लोगों के लिए यह यात्रा और कारोबार में महत्वपूर्ण राहत प्रदान करेगा।
- सिमरिया धाम और आसपास के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
- पुल का उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा किया जाएगा, जो क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाएँ
- राम कुमार सिंह: “प्रधानमंत्री आम आदमी की बड़ी सेवा कर रहे हैं। यह पुल पटना और बेगूसराय को करीब लाएगा।”
- मोनू राज: “अब पटना जाने में पहले 3 घंटे लगते थे, अब सिर्फ 1.5 घंटे में पहुंचेंगे। सिमरिया धाम में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।”
- सुजीत कुमार: “पुल से बेगूसराय के लोग आसानी से पटना, समस्तीपुर और खगड़िया जा पाएंगे। यह किसानों के लिए भी लाभकारी है।”
- संतोष कुमार: “ट्रकों के लिए यात्रा दूरी में 100 किमी की कटौती होगी। व्यापारियों को इससे बहुत सुविधा होगी।”
भविष्य की दिशा: विकास और एकजुट बिहार
औंटा-सिमरिया पुल बिहार में एकीकृत विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल वाहनों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि हर घर, व्यवसाय और समुदाय को इसके लाभ महसूस होंगे।
प्रधानमंत्री के उद्घाटन के साथ यह पुल बिहार में दूरी को पाटने, जीवन स्तर सुधारने और राष्ट्र को एक उज्जवल, जुड़े भविष्य की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाएगा।


