बिहार में 10 वर्षों में 1,445 बच्चों का गोदनामा पंजीकरण, पटना में सबसे अधिक 101

पटना, 20 अगस्त 2025: बिहार में वर्ष 2015-24 के बीच 1,445 दंपत्तियों ने गोद लिए बच्चों का पंजीकरण कराया। इनमें सबसे अधिक 101 पंजीकरण राजधानी पटना में हुए। यह जानकारी मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के आंकड़ों से सामने आई है।

बच्चा गोद लेने की शर्तें:

  • कोई भी व्यक्ति या दंपत्ति आपसी सहमति से बच्चा गोद ले सकता है।
  • बेटा गोद लेने के लिए पहले से अपना बेटा नहीं होना चाहिए; बेटी के लिए पहले से अपनी बेटी नहीं होनी चाहिए।
  • गोद लेने वाले की आयु और बच्चे की आयु में कम से कम 21 वर्ष का अंतर होना आवश्यक है।
  • गोद लिए जाने वाले बच्चे की आयु 15 वर्ष से कम होनी चाहिए।
  • बच्चा गोद देने वाले की सहमति अनिवार्य है।

गोदनामा पंजीकरण:

  • पंजीकरण के लिए 2,000 रुपये स्टाम्प शुल्क और 1,500 रुपये निबंधन शुल्क देना होता है।
  • पंजीकरण कानूनी सुरक्षा के लिए अनिवार्य नहीं, लेकिन भविष्य में अधिकार सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
  • गोद लिया बच्चा गोद लेने वाले परिवार की संपत्ति में वही अधिकार प्राप्त करता है जो जैविक संतान को होता है, लेकिन गोद देने वाले परिवार की संपत्ति में उसका कोई हक नहीं।
  • पंजीकृत गोदनामा रद्द नहीं किया जा सकता
  • नियम हिंदू धर्म पर लागू हैं; अन्य धर्मों के लिए अलग प्रावधान हैं।

महत्व: विभाग के अनुसार, पंजीकरण प्रक्रिया गोद लेने वाले माता-पिता और बच्चे दोनों के अधिकारों को कानूनी रूप से सुरक्षित करती है और भविष्य की जटिलताओं से बचाती है।


 

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