भागलपुर। फर्जी लाइसेंस के आधार पर हथियार खरीदकर निजी सुरक्षा गार्ड बने लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई अब तक नहीं हुई है। इस मामले पर पुलिस मुख्यालय में समीक्षा की गई, जिसमें बड़ा खुलासा सामने आया।
समीक्षा के दौरान पता चला कि 16 जिलों में ऐसे 73 निजी गार्ड चिह्नित किए गए हैं, जिन्होंने फर्जी लाइसेंस पर हथियार खरीदे और निजी सुरक्षा एजेंसियों के जरिए सेवाएं दे रहे हैं।
मुख्यालय की नाराजगी
पुलिस मुख्यालय ने इस पर नाराजगी जताई है कि संबंधित जिलों में अब तक किसी भी गार्ड के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई। साथ ही यह भी पूछा गया है कि आखिर कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है।
कड़े निर्देश जारी
डीजीपी के निर्देश पर एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने सभी संबंधित जिलों के एसपी को पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला सुरक्षा एजेंसियों की विश्वसनीयता और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़ा करता है।


