भागलपुर, 19 अगस्त 2025: बिहार पुलिस के अधिकारियों को अब आम लोगों, जनप्रतिनिधियों और मीडिया कर्मियों के साथ सेल्फी या फोटो लेने के दौरान विशेष सतर्क रहने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने राज्य भर के सभी पुलिस अधिकारियों को आदेश जारी करते हुए कहा कि अधिकारियों के साथ ली गई फोटो का गलत इस्तेमाल निहित स्वार्थ सिद्धि, अवैध वसूली या अन्य अनुचित गतिविधियों में किया जा सकता है।
मुख्य बिंदु:
- सामाजिक और कानूनी जोखिम:
डीजीपी ने स्पष्ट किया कि शिष्टाचार मुलाकात के दौरान ली गई सेल्फी या फोटो को सोशल मीडिया पर वायरल कर अनुचित लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। इससे न केवल व्यक्तिगत अधिकारियों की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है, बल्कि पुलिस विभाग की छवि पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। - भागलपुर में हुए मामले:
हबीबपुर की एक महिला ने अधिकारियों के साथ फोटो का दुरुपयोग कर लोगों से वसूली की कोशिश की। यह मामला सामने आने पर महिला की गतिविधियां रोक दी गईं। इसके अलावा, सोशल मीडिया और यूट्यूब पर भी अधिकारियों के साथ फोटो का गलत उपयोग करने के कई मामले सामने आए हैं। - निर्देशों का पालन अनिवार्य:
डीजीपी ने कहा कि राज्य के सभी पुलिस पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे ऐसी स्थिति में न आएं, जहाँ उनकी तस्वीर या वीडियो का गलत फायदा उठाया जा सके। आदेश का पालन न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - उद्देश्य:
यह कदम पुलिस विभाग की छवि और जनता के प्रति भरोसे को बनाए रखने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों को यह ध्यान रखना होगा कि उनकी मौजूदगी का किसी भी प्रकार से गलत लाभ न उठाया जाए। - सतर्कता और प्रशिक्षण:
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि शिष्टाचार मुलाकात के दौरान उचित दूरी और सतर्कता बनाए रखें। आवश्यक होने पर प्रशासनिक मार्गदर्शन और मीडिया प्रबंधन प्रशिक्षण का पालन किया जाए।

डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि यह आदेश न केवल पुलिस की सुरक्षा और प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए है, बल्कि जनता के विश्वास को भी मजबूत करने में मदद करेगा। अधिकारियों को सामाजिक जिम्मेदारी और पेशेवर अनुशासन के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करना अनिवार्य है।


