भागलपुर, 18 अगस्त 2025: भागलपुर के समीक्षा डीआरडीए भवन से आज उप विकास आयुक्त श्री प्रदीप कुमार सिंह ने 8 मोबाइल डेमॉस्ट्रेशन वैन (MDV) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वैन भागलपुर के सातों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदान केंद्रों में ईवीएम-वीवीपैट प्रदर्शन हेतु eingesetzt की जाएंगी।
उप विकास आयुक्त ने मीडिया को बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम जनता को ईवीएम और वीवीपैट की कार्यप्रणाली से परिचित कराना है। विशेष रूप से प्रथम बार मतदान करने वाले युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को मतदान प्रक्रिया में सहजता प्रदान करना इस अभियान की प्राथमिकता है।
MDV का महत्व और कार्यप्रणाली
- प्रत्येक वैन में प्रशिक्षित कर्मी उपस्थित रहेंगे।
- वे बटन दबाने, वीवीपैट स्लिप देखने और मॉक वोट डालने की पूरी प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन देंगे।
- ऑडियो-विजुअल सामग्री, पोस्टर और बैनर के माध्यम से मतदान प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।
- नागरिकों के प्रश्नों का मौके पर समाधान किया जाएगा।
यह कार्यक्रम भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार के सहयोग से पूरे राज्य में संचालित किया जा रहा है।
भागलपुर में MDV का परिचालन कार्यक्रम
| विधानसभा क्षेत्र | स्थान और अवधि |
|---|---|
| बिहपुर (152) | नारायणपुर: 18-23 अगस्त, बिहपुर: 24-30 अगस्त, खरीक: 31 अगस्त-7 सितंबर |
| गोपालपुर (153) | रंगरा चक: 18-26 अगस्त, गोपालपुर: 27-31 अगस्त, इस्माइलपुर: 1-7 सितंबर |
| पीरपैंती (154) | कहलगांव: 18-30 अगस्त, पीरपैंती: 31 अगस्त-15 सितंबर |
| कहलगांव (155) | गोराडीह: 18-28 अगस्त, कहलगांव: 18-28 अगस्त, सबौर: 29 अगस्त-3 सितंबर |
| भागलपुर (156) | संपूर्ण नगर क्षेत्र: 18-28 अगस्त, 29 अगस्त-7 सितंबर |
| सुल्तानगंज (157) | सुल्तानगंज: 18 अगस्त-3 सितंबर, शाहकुंड: 4-15 सितंबर |
| नाथनगर (158) | नाथनगर: 18-25 अगस्त, जगदीशपुर: 26 अगस्त-5 सितंबर, सबौर: 6-13 सितंबर |
कुल मतदान केंद्र: 1292
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
पिछली उपलब्धियाँ
- राज्य के सभी जिलों में अब तक 39871 लोगों ने ईवीएम डेमो वैन का भ्रमण किया।
- इनमें से 37918 लोगों ने मॉक वोट डालकर मतदान का पूर्वाभ्यास किया।
- राज्य में कुल 318 MDV चलाने की योजना है, जो 243 विधानसभा क्षेत्रों के 48043 मतदान भवनों में परिचालित होंगे।
उद्देश्य
- ईवीएम और वीवीपैट की पारदर्शी और सुरक्षित प्रणाली के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करना।
- मतदान प्रतिशत बढ़ाना।
- निष्पक्ष और भरोसेमंद चुनाव संपन्न कराना।


