भागलपुर: बिहार के विकास और बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए उद्योगपति उमेश शर्मा उर्फ भोला बाबू ने भागलपुर जिले के तुलसीपुर गांव को गोद लेकर विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है । अरिस्टो फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक भोला बाबू ने गांव में पहुंचकर ग्रामीणों के बीच अपने योजनाओं और मदद के संकल्प का ऐलान किया।
भोला बाबू ने कहा कि बिहार में विकास की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इसके लिए ठोस कदम उठाने और सही दिशा में काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि अब तक उन्होंने 300 से अधिक गांवों को गोद लेकर विकास कार्य शुरू किए हैं, और तुलसीपुर इसी प्रयास की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
तुलसीपुर में विकास कार्यों की रूपरेखा
भोला बाबू ने गांव को गोद लेने के बाद ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि अब गांव की हर समस्या का समाधान किया जाएगा। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में विकास के विस्तृत कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा की:
1. शिक्षा और स्कूल सुविधाएं
- स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं का सुधार।
- बच्चों के लिए आधुनिक लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब की स्थापना।
- खेल के सामान की उपलब्धता, ताकि खेल और शारीरिक विकास को बढ़ावा मिले।
2. सामाजिक और सांस्कृतिक संरचना
- गांव में विवाह भवन का निर्माण, जो सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए उपलब्ध होगा।
- पंचायत और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए समुदायिक केंद्रों का विकास।
3. स्वास्थ्य और स्वच्छता
- गांव में शौचालय और स्वच्छता की व्यवस्था में सुधार।
- स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार।
- जल शुद्धिकरण और पेयजल सुविधा का संवर्धन।
4. महिला सशक्तिकरण
- महिलाओं के लिए आईटीआई प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना।
- रोजगारपरक कौशल विकास के साथ महिलाओं को सीधे नौकरी से जोड़ने का प्रावधान।
- महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय उद्योग और स्वरोजगार योजनाओं का समर्थन।
5. कृषि और रोजगार
- तुलसीपुर और आसपास के क्षेत्रों में केला फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना।
- इसमें केला चिप्स और अन्य उत्पादों का उत्पादन होगा, जिससे किसानों को सीधे लाभ मिलेगा।
- ग्रामीण युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
- कृषि संबंधी प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
6. ऊर्जा और आधुनिक उपकरण
- गांव में इन्वर्टर-बैटरी और बिजली की सुविधाओं का विस्तार।
- सड़क, पानी और अन्य बुनियादी ढांचे में सुधार।
बाढ़ पीड़ितों की मदद
भोला बाबू ने बाढ़ प्रभावित इलाकों की मदद के लिए भी स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि तुलसीपुर गांव को मॉडल गांव बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि:
- बाढ़ पीड़ितों को तत्काल राहत और सहायता मिलेगी।
- आवास और आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
- गांव में भविष्य में किसी भी आपदा के लिए तैयारी और सुरक्षा प्रबंधन किया जाएगा।
भोला बाबू ने कहा, “आज आप तुलसीपुर की तस्वीर खींच लीजिए और एक साल बाद देखें, यहां विकास की गंगा बहेगी। हम हर क्षेत्र में गांव को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाएंगे।”
उद्योग और CSR की भूमिका
भोला बाबू ने कंपनियों और उद्योगपतियों से अपील की कि बिहार से मुनाफा कमाने वाली कंपनियां CSR (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के तहत ग्रामीण विकास में निवेश करें। उन्होंने कहा कि इससे न केवल गांवों का विकास होगा बल्कि बिहार की सामाजिक और आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
भविष्य की योजनाएं
भोला बाबू ने गांव के लिए कई लंबी अवधि की योजनाओं का भी जिक्र किया:
- स्मार्ट और मॉडल गांव: तुलसीपुर को देशभर में एक उदाहरण बनाने का लक्ष्य।
- स्थानीय उद्योग और रोजगार: छोटे और मध्यम उद्योगों को स्थापित करके रोजगार के अवसर बढ़ाना।
- तकनीकी और डिजिटल साक्षरता: युवाओं और महिलाओं को कंप्यूटर और डिजिटल कौशल में प्रशिक्षित करना।
- पर्यावरण और हरियाली: हरित क्षेत्र और खेती को बढ़ावा देना।
भोला बाबू का संदेश:
“हमारा लक्ष्य सिर्फ गांवों का विकास नहीं, बल्कि बिहार को एक नई पहचान दिलाना है। तुलसीपुर इस परिवर्तन की मिसाल बनेगा। आने वाले वर्षों में यहां हर क्षेत्र में विकास और आत्मनिर्भरता नजर आएगी।”
कार्यक्रम का सफल आयोजन जिला परिषद सदस्य गौरव राय द्वारा किया गया। इस दौरान गोपालपुर से जदयू विधायक गोपाल मंडल, लोजपा रामविलास नेता मनीष कुमार, अरिस्टो फार्मा के कर्मी और हजारों ग्रामीण उपस्थित रहे।


