पटना: बिहार में चल रहे राजस्व महाअभियान के तहत राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने प्रमंडलवार अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। विभाग का लक्ष्य है कि हर रैयत तक उसकी जमाबंदी की प्रति और आवश्यक प्रपत्र पहुंचाकर राजस्व संबंधी समस्याओं का समाधान किया जा सके।
किस प्रमंडल में किस अधिकारी की जिम्मेदारी?
- पटना प्रमंडल – सचिव जय सिंह
- सारण एवं दरभंगा प्रमंडल – सचिव गोपाल मीणा
- कोसी एवं मुंगेर प्रमंडल – चकबंदी निदेशक राकेश कुमार
- तिरहुत प्रमंडल – भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशक जे प्रियदर्शिनी
- पूर्णिया एवं भागलपुर प्रमंडल – भू-अर्जन निदेशक कमलेश कुमार सिंह
- मगध प्रमंडल – विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह
पहले दिन से ही सक्रिय निगरानी
महाअभियान की शुरुआत के पहले दिन सभी जिलों में मुख्यालय के अधिकारी जमाबंदी पंजी वितरण की निगरानी में लगे रहे।
चार प्रमुख समस्याओं का होगा समाधान
अभियान के तहत निम्नलिखित समस्याओं के समाधान पर जोर दिया जाएगा:
- ऑनलाइन जमाबंदी में त्रुटि सुधार (परिमार्जन)
- उत्तराधिकार नामांतरण
- बंटवारा नामांतरण (पारिवारिक हिस्सेदारी)
- गैर-डिजिटाइज्ड जमाबंदी को ऑनलाइन करना
दो स्तरों पर चलेगा अभियान
- पहला स्तर: 15 सितम्बर तक घर-घर जाकर रैयतों को जमाबंदी की प्रति और आवेदन प्रपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।
- दूसरा स्तर: शिविरों में आवेदन प्राप्त कर सुधार, नामांतरण और डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया की जाएगी।
जमाबंदी सुधार की प्रक्रिया
- शिविर में जमाबंदी की प्रति लेते समय एक पंजी में हस्ताक्षर करना होगा।
- किसी गलती की स्थिति में सही जानकारी व दस्तावेज के साथ आवेदन जमा करना होगा।
- संपत्ति मालिक की मृत्यु पर उत्तराधिकार दाखिल-खारिज का फार्म भरना होगा।
- संपत्ति बंट जाने पर बंटवारा दाखिल-खारिज का फार्म भरना होगा।
- ऑनलाइन जमाबंदी कराने के लिए अलग फार्म उपलब्ध रहेगा।
- आवेदन के साथ नाम, पिता का नाम और मोबाइल नम्बर अनिवार्य होगा।
- अधूरे दस्तावेज होने पर आवेदन लौटा दिया जाएगा।
ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध
जिन आवेदकों के दस्तावेज अधूरे रह जाते हैं या जो सीधे डिजिटल माध्यम का उपयोग करना चाहते हैं, वे biharbhumi.bihar.gov.in पोर्टल पर जाकर आवेदन जमा कर सकते हैं।
इस महाअभियान से लाखों रैयतों को राहत मिलने की उम्मीद है और सरकार का मानना है कि इससे जमाबंदी व्यवस्था अधिक पारदर्शी और सुलभ बनेगी।


