
भागलपुर में जदयू सांसद और विधायक आमने-सामने, गंभीर आरोपों से बढ़ा सियासी तनाव
भागलपुर | 14 अगस्त 2025 —बिहार की राजनीति में अंदरूनी कलह का एक नया अध्याय तब सामने आया जब जदयू के दो बड़े नेता—सांसद अजय मंडल और गोपालपुर के विधायक गोपाल मंडल—सीधे आमने-सामने आ गए। पिछले कुछ दिनों से दोनों नेताओं के बीच चल रही बयानबाज़ी अब आरोप-प्रत्यारोप की खुली जंग में बदल चुकी है, जिससे पार्टी के भीतर गुटबाज़ी के संकेत और स्पष्ट हो रहे हैं।
विवाद की शुरुआत
कुछ दिन पहले गोपाल मंडल ने सार्वजनिक मंच से सांसद अजय मंडल और जदयू की प्रदेश महासचिव पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इससे नाराज़ होकर अजय मंडल ने घोंघा थाना में विधायक के खिलाफ मामला दर्ज कराया। यह कदम पार्टी के भीतर तनाव का पहला खुला संकेत था।

विवाद की आग में नया पेट्रोल
मामला ठंडा होने के बजाय और गरमा गया, जब आज गोपाल मंडल ने प्रेस वार्ता कर अजय मंडल पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि,
“अजय मंडल एचआईवी पॉजिटिव हैं, और उन्हें संसद जाने से रोका जाना चाहिए।”
यही नहीं, विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि सांसद का पुराने अपराधों और कई हत्याओं से संबंध रहा है और वे खुद इन वारदातों में शामिल रहे हैं।
पार्टी में हलचल और गुटबाज़ी के संकेत
इन बयानों ने जदयू के भीतर सियासी हलचल को तेज कर दिया है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह विवाद सिर्फ व्यक्तिगत टकराव नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर बढ़ती गुटबाज़ी और शक्ति संतुलन की लड़ाई का नतीजा है।
जदयू के लिए मुश्किल घड़ी
जदयू पहले ही विपक्षी हमलों का सामना कर रही है, और अब पार्टी के भीतर यह कलह उसकी छवि को नुकसान पहुँचा सकती है। अभी तक जदयू के शीर्ष नेतृत्व की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में पार्टी अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार कर सकती है।
पृष्ठभूमि:
- अजय मंडल: भागलपुर से जदयू सांसद, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं।
- गोपाल मंडल: गोपालपुर से जदयू विधायक, अपने बेबाक और विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं।
- दोनों नेताओं के बीच पहले भी राजनीतिक मतभेद और आरोप-प्रत्यारोप की खबरें सामने आती रही हैं।


