भागलपुर, 12 अगस्त 2025 —जिला प्रशासन, भागलपुर द्वारा बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत और बचाव कार्य लगातार तेज़ी से जारी है। जिले के 6 अंचल — नारायणपुर, रंगरा चौक, सुल्तानगंज, शाहकुंड, नाथनगर और सबौर — बाढ़ से गंभीर रूप से प्रभावित हैं, जबकि कहलगांव, जगदीशपुर और पीरपैंती आंशिक रूप से प्रभावित हैं।
सामुदायिक किचन से लाखों को भोजन
- कुल 186 सामुदायिक किचन संचालित हैं।
- आज सुबह 1,48,537 और शाम में 1,98,366 लोगों ने भोजन किया — यानी 3,46,903 लाभार्थी एक ही दिन में।
- अब तक 6,60,521 लोगों को सामुदायिक किचन से भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है।
बचाव और राहत सामग्री
- 104 नावें प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन और बचाव कार्य में लगी हैं।
- 10,013 पॉलिथीन शीट प्रभावित परिवारों को वितरित की गई हैं।
- 8,252 लोगों को बाढ़ग्रस्त इलाकों से सुरक्षित निकाला गया।
NDRF व SDRF की तैनाती
- NDRF: नवगछिया (3 टीमें), सबौर (1), कहलगांव (1)
- SDRF: सुल्तानगंज (2), नाथनगर (2), शाहकुंड (1)
शिविरों में सुविधाएं
सभी बाढ़ राहत शिविरों में —
- अस्थायी शौचालय
- चिकित्सा शिविर
- पानी टैंकर और चापाकल
- पशु चारा और पशु चिकित्सा शिविर
- साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था
सभी शिविरों के लिए अलग-अलग नोडल पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
ढांचा और सुरक्षा
- तटबंधों की सुरक्षा के लिए बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, नवगछिया और भागलपुर द्वारा निरोधात्मक कार्रवाई जारी।
- ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा सड़कों की निगरानी लगातार की जा रही है।
जलस्तर में गिरावट, यातायात बहाल
बैठक में बताया गया कि नदी के जलस्तर में 6 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। एनएच-80 पर पानी घटने के बाद सड़क यातायात चालू हो गया है।
स्वास्थ्य और पशुपालन सेवाएं
- 52 स्थायी चिकित्सा केंद्र और 13 चलंत चिकित्सा केंद्र बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संचालित।
- सभी राहत शिविरों में पशु चारा का वितरण जारी।
जिलाधिकारी की सतत निगरानी
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी सुबह-शाम बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर रहे हैं।


