बिहार में सड़क संपर्क को नई रफ्तार, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों के लिए केंद्र से बड़ी सौगात
नई दिल्ली/पटना:बिहार के सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने दो बड़े वित्तीय पैकेज की स्वीकृति दी है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क संपर्क परियोजना के अंतर्गत पहली किस्त के रूप में 19 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस राशि का उद्देश्य नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षित और सुगम परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना है, ताकि इन क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिल सके।
जारी की गई 19 करोड़ रुपये की राशि में 18.57 करोड़ रुपये कार्यक्रम निधि के रूप में और 0.43 करोड़ रुपये प्रशासनिक निधि के रूप में शामिल हैं। इससे संबंधित सड़क परियोजनाओं का काम जल्द ही शुरू होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से 500 करोड़ रुपये की सहायता
इसके अलावा, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत भी बिहार राज्य के लिए केंद्रीय सहायता की पहली किस्त के रूप में 500 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इस राशि का उद्देश्य ग्रामीण संपर्क को मजबूत करना और राज्य के दूरदराज के इलाकों को बेहतर परिवहन नेटवर्क से जोड़ना है।
इस आवंटन में 489 करोड़ रुपये कार्यक्रम निधि और 11 करोड़ रुपये प्रशासनिक निधि के रूप में शामिल हैं। इन फंड्स से राज्य में सैकड़ों किलोमीटर नई सड़कें बनाई जाएंगी और पुरानी सड़कों का नवीनीकरण होगा।
विकास के लाभ
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में कई तरह के लाभ देखने को मिलेंगे।
- किसानों को अपनी उपज को बाजार तक ले जाने में आसानी होगी।
- ग्रामीण जनता के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच बेहतर होगी।
- रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
- आपात स्थितियों में एंबुलेंस और राहत सामग्री समय पर पहुंच सकेगी।
सरकार की प्रतिबद्धता
केंद्र सरकार का कहना है कि बिहार सहित देश के अन्य वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क बढ़ाना प्राथमिकता है, ताकि वहां विकास की गति तेज हो और लोग मुख्यधारा से जुड़ सकें। पीएमजीएसवाई और सड़क संपर्क परियोजना के तहत मिल रही यह वित्तीय सहायता उसी दिशा में एक ठोस कदम है।


