मुखिया–सरपंच के हस्ताक्षर से बनेगा प्रमाण पत्र, वंशावली में ‘मृत’ लिखे होने पर भी मान्य
पटना | 12 अगस्त 2025: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 16 अगस्त से 20 सितंबर 2025 तक चलने वाले राजस्व महा-अभियान के दौरान उत्तराधिकार एवं बंटवारा आधारित नामांतरण को सुगम बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है।
अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सभी जिला समाहर्ताओं को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि इस अभियान के दौरान मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए।
बैठक के बाद आया निर्णय
- 10 अगस्त को राजस्व सर्वे प्रशिक्षण संस्थान, पटना में पंचायत प्रतिनिधियों के संघों के साथ बैठक हुई।
- बैठक में यह सुझाव दिया गया कि कई मामलों में रैयत या जमाबंदी धारक की मृत्यु वर्षों पहले हो चुकी है, लेकिन उनका मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं है।
- ऐसे मामलों में तत्काल प्रमाण पत्र बनवाना कठिन होता है, जिससे नामांतरण और बंटवारे के मामले अटके रहते हैं।
नई व्यवस्था
- अब उत्तराधिकारी द्वारा सफेद कागज पर स्व-घोषणा पत्र, जिस पर पंचायत के मुखिया या सरपंच के हस्ताक्षर हों, को मान्य माना जाएगा।
- यदि वंशावली में किसी नाम के साथ ‘मृत’ लिखा है, तो वह भी प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा।
फायदा
इस कदम से:
- पुराने लंबित नामांतरण और बंटवारा मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।
- ग्रामीण क्षेत्रों में दस्तावेज़ जुटाने की कठिनाई कम होगी।
- राजस्व महा-अभियान का संचालन अधिक प्रभावी होगा।
अधिकारियों को निर्देश
सभी जिलों के समाहर्ताओं को आदेश दिया गया है कि वे अपने अधीनस्थ पदाधिकारियों को इस नई प्रक्रिया के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराएं।


