पटना | 12 अगस्त 2025: बिहार ने डिजिटल निबंधन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2016 में शुरू हुई ऑनलाइन निबंधन प्रक्रिया के तहत अब तक 4,616 एनजीओ और 1,774 फर्मों का पंजीकरण सफलतापूर्वक किया गया है। यह पूरी प्रक्रिया मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट nibandhan.bihar.gov.in के माध्यम से पूरी होती है।
शुल्क संरचना
- राष्ट्रीय स्तर के एनजीओ – ₹25,500
- बिहार स्तर के एनजीओ – ₹15,500
- फर्म पंजीकरण – ₹1,500
सभी शुल्क ऑनलाइन ही जमा किए जाते हैं।
ऑनलाइन निबंधन की प्रक्रिया
- आवेदन भरना – संस्था का नाम, पता, जिला, पदाधिकारियों और सदस्यों की जानकारी ऑनलाइन फॉर्म में दर्ज करनी होती है।
- दस्तावेज अपलोड – आवश्यक प्रमाणपत्र और दस्तावेज अपलोड किए जाते हैं।
- कार्यालय स्तर पर जांच – आवेदन की स्क्रूटनी होती है; कमी मिलने पर सुधार हेतु वापस किया जाता है।
- प्रमाण पत्र जारी – सही आवेदन पर निबंधन महानिरीक्षक द्वारा प्रमाण पत्र जारी होता है, जिसे आवेदक अपनी लॉगिन आईडी और पासवर्ड से डाउनलोड कर सकता है।
यह प्रक्रिया पेपरलेस और फेसलेस है, जिसमें आवेदक को किसी भी कार्यालय में जाने की आवश्यकता नहीं होती।
एनजीओ पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज
- आम सभा का प्रस्ताव – दो राजपत्रित पदाधिकारियों के हस्ताक्षर से प्रमाणित।
- स्मृति-पत्र और नियमावली – राजपत्रित पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित।
- पदाधिकारियों के पहचान पत्र (आधार/पैन/वोटर आईडी) – स्व-हस्ताक्षरित और प्रमाणित।
- कार्यालय का फोटो और प्रमाण-पत्र – अंचलाधिकारी या अन्य सक्षम अधिकारी द्वारा जारी।
फर्म पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज
- प्रपत्र-1 – नोटरी या राजपत्रित पदाधिकारी से प्रमाणित।
- साझेदारी दस्तावेज की प्रमाणित प्रति।
- साझेदारों के पहचान पत्र (आधार, पैन, वोटर आईडी) – स्व-हस्ताक्षरित और प्रमाणित।
- शुल्क का ऑनलाइन भुगतान।
विशेष बात – डिजिटल निबंधन प्रणाली ने पंजीकरण प्रक्रिया को तेज़, पारदर्शी और सरल बना दिया है, जिससे आवेदकों को समय और संसाधनों की बचत हो रही है।


