पटना, 11 अगस्त — बिहार में पहली बार बड़े पैमाने पर आयोजित होने जा रहे राजस्व महाअभियान को सफल बनाने की तैयारी तेज हो गई है। 16 अगस्त से 20 सितम्बर 2025 तक चलने वाले इस राज्यव्यापी अभियान में रैयतों की शत-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने विशेष योजना बनाई है। इसमें उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों, अंचलों और जिलों को तीन स्तरों पर पुरस्कृत किया जाएगा।
पुरस्कार का तीन-स्तरीय प्रारूप
अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि—
- अंचल स्तर: प्रत्येक जिले में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली तीन पंचायतों का चयन कर उनके अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया जाएगा।
- जिला स्तर: जिले में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले तीन अंचलों को पुरस्कार दिया जाएगा।
- राज्य स्तर: पूरे बिहार में बेहतर प्रदर्शन करने वाले तीन जिलों को सम्मानित किया जाएगा।
महाअभियान की समाप्ति के बाद बड़े पैमाने पर सम्मान समारोह आयोजित होगा। साथ ही, अभियान में शामिल सभी जनप्रतिनिधियों को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।
अभियान के उद्देश्य और कार्य
राज्य में पहली बार इस स्तर पर सभी जमाबंदियों को अपडेट करने की पहल हो रही है। अभियान के दौरान—
- डिजिटाइज्ड जमाबंदियों में त्रुटियों का सुधार
- छूटी हुई जमाबंदियों का ऑनलाइन रिकॉर्ड
- उत्तराधिकार नामांतरण
- संयुक्त संपत्ति का बंटवारा नामांतरण
के लिए आवेदन लिए जाएंगे। इसके तहत टीमें घर-घर जाकर जमाबंदी की प्रति और आवेदन प्रपत्र वितरित करेंगी, फिर हल्का स्तर पर शिविर लगाकर आवेदन और दस्तावेज एकत्र किए जाएंगे।
संगठनों का सहयोग
अभियान की सफलता के लिए विभाग ने विभिन्न सेवा संघों से सहयोग मांगा है। हाल ही में आयोजित बैठक में बिहार प्रशासनिक सेवा संघ, बिहार राजस्व सेवा संघ, यूनाइटेड राजस्व सेवा संघ, सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी संघ, मुखिया संघ, पंच-सरपंच संघ, ग्राम कचहरी सचिव संघ, पंचायत सचिव संघ, बिहार राजस्व अमीन संघ, बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ (गोप गुट), बिहार राज्य जिला परिषद संघ, वार्ड सदस्य संघ और ग्राम कचहरी न्यायमित्र संघ ने सक्रिय सहयोग और उपयोगी सुझाव देने का आश्वासन दिया।


