मोतिहारी में पुलिस की गुंडागर्दी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने पूरे इलाके में आक्रोश फैला दिया है। इसमें बाइक सवार दंपती के साथ पुलिसकर्मी न केवल मारपीट करते नज़र आ रहे हैं, बल्कि उन्हें घसीटते हुए जबरन पुलिस गाड़ी में बैठाने की कोशिश भी कर रहे हैं।
कहां और कब हुआ मामला?
यह पूरी घटना छतौनी थाना क्षेत्र के बरियारपुर आरओ के पास रविवार रात की है। पीड़िता अनुराधा कुमारी और उनके पति पिंटू कुमार बाइक से अपने गांव भीतहा लौट रहे थे। रास्ते में अंधेरे में खड़ी पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया। बाइक आगे बढ़ने पर पुलिस भड़क गई और बिना वजह आईडी मांगने लगी।
पीड़िता का आरोप – पेट पर लात, गोली मारने की धमकी
अनुराधा कुमारी ने सनसनीखेज आरोप लगाया –
“पुलिसवालों ने मेरे पति को जबरन गाड़ी में बैठाने की कोशिश की। जब हमने कारण पूछा, तो मारपीट शुरू हो गई। मेरे पेट पर लात मारी और कहा – गोली मार देंगे। मेरे पति को पीछे से घसीटकर गाड़ी के पास ले गए, ठेल-ठेल कर बिठाने की कोशिश की।”
ग्रामीणों ने रोका, SHO भी भिड़े
घटना की भनक लगते ही आस-पास के लोग जुट गए। मौके पर पहुंचे छतौनी थानाध्यक्ष अमरजीत कुमार ने भीड़ को शांत कराने की जगह खुद वीडियो बना रहे लोगों से उलझना शुरू कर दिया।
- SHO ने बयान रिकॉर्ड करने के दौरान एक युवक को वीडियो बनाने से रोका।
- पब्लिक और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई।
- SHO कई लोगों को जबरन थाने ले जाने की कोशिश करते नज़र आए, लेकिन ग्रामीणों ने विरोध कर उन्हें रोक दिया।
पुलिस का पक्ष
SHO अमरजीत कुमार ने सफाई देते हुए कहा –
“वाहन चेकिंग के दौरान बाइक सवार ने पुलिस से बदसलूकी की। उसे थाने ले जाया जा रहा था, तभी महिला बीच में आ गई और कहासुनी हुई। महिला ने कोई लिखित शिकायत नहीं दी है।”
लोगों में आक्रोश, सवाल पुलिस की नीयत पर
इस घटना के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग कह रहे हैं –
“जहां पुलिस बाइक चोरों को पकड़ने में नाकाम है, वहीं आम लोगों को अंधेरे में रोककर परेशान कर रही है।”
वीडियो के वायरल होते ही प्रशासन और पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोग इस घटना को ‘तानाशाही पुलिसिंग’ बता रहे हैं और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


