पटना, 10 अगस्त 2025 — बिहार में सुरक्षा व्यवस्था को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की तैयारी शुरू हो गई है। अब बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस बल को सीआईएसएफ (CISF) की तर्ज पर काम करने की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। यह बल औद्योगिक क्षेत्रों, बड़े संस्थानों, हवाई अड्डों और जल्द शुरू होने वाली पटना मेट्रो परियोजना की सुरक्षा संभालेगा।
पुलिस मुख्यालय का मानना है कि इस कदम से न केवल संवेदनशील स्थानों की निगरानी मजबूत होगी, बल्कि अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को भी नई रफ्तार मिलेगी।
औद्योगिक और संवेदनशील क्षेत्रों पर होगी पैनी नजर
नए निर्देश के तहत, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस बल को उन स्थानों पर तैनात किया जाएगा जहां सुरक्षा की आवश्यकता सबसे अधिक है। इसमें शामिल हैं:
- बड़े औद्योगिक क्षेत्र
- प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठान
- हवाई अड्डे
- पटना मेट्रो के सभी स्टेशन और डिपो
सीआईएसएफ की तरह यह बल भी हाई-टेक उपकरणों और आधुनिक प्रशिक्षण से लैस होगा, ताकि किसी भी सुरक्षा चुनौती का तुरंत जवाब दिया जा सके।
चार जिलों में भूमि अधिग्रहण पूरा
एडीजी (आधुनिकीकरण) सुधांशु कुमार के अनुसार, पटना, मुजफ्फरपुर, गया और बेगूसराय जिलों में नए भवन, कंट्रोल सेंटर और विशेष इकाइयों के कार्यालयों के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है।
“भवन निर्माण के साथ आवश्यक उपकरण, तकनीकी संसाधन और संचार सुविधाओं को उन्नत किया जा रहा है। बेहतर ढांचा मिलने से तैनाती, अपराध नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं की दक्षता में सुधार होगा।” — सुधांशु कुमार, एडीजी, पीएचक्यू
आधुनिक प्रशिक्षण केंद्रों की तैयारी
- मुजफ्फरपुर स्थित बीसैप-6
- बेगूसराय के मंझौल स्थित बीसैप-19
इन दोनों केंद्रों के लिए लगभग 32 एकड़ भूमि हस्तांतरित हो चुकी है। यहां आधुनिक सुविधाओं वाले प्रशिक्षण और संचालन केंद्र तैयार किए जाएंगे, जिससे बल की कार्यक्षमता और प्रतिक्रिया क्षमता में और वृद्धि होगी।
राज्य सरकार का लक्ष्य
राज्य सरकार का इरादा है कि बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस बल को हर उस जगह तैनात किया जाए, जहां सुरक्षा के लिए विशेष कौशल और त्वरित कार्रवाई की जरूरत होती है।
पुलिस मुख्यालय का दावा है कि यह पहल बिहार को सुरक्षा के मामले में देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा कर देगी।


