भागलपुर – गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने के साथ ही बाढ़ का खतरा शहर और आसपास के इलाकों पर गहराता जा रहा है। हालात से निपटने के लिए प्रशासन ने तेज़ी से कदम उठाते हुए शहर में अब तक 20 राहत शिविर स्थापित कर दिए हैं।
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी के निर्देश पर एसडीएम विकास कुमार ने शनिवार को कई राहत शिविरों और बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से सीधे मुलाकात कर उनकी जरूरतों की जानकारी ली और भरोसा दिलाया कि प्रशासन हर संभव मदद करेगा।
“जहां भी बाढ़ पीड़ित लोग एकत्र हो रहे हैं, वहां नए राहत शिविर तुरंत खोले जाएंगे। हमारा प्रयास है कि किसी को भोजन, पानी और आश्रय की कमी न हो,” – एसडीएम विकास कुमार
ग्रामीणों को मिली थोड़ी राहत
कई दिनों से खुले आसमान के नीचे गुज़ार रहे ग्रामीणों के लिए ये शिविर जीवनरेखा साबित हो रहे हैं। यहां उन्हें सिर पर छत, पेट भरने को भोजन और पीने के लिए साफ पानी मिल रहा है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन की इस त्वरित पहल की सराहना की और कहा कि राहत शिविरों ने उनकी मुश्किलें काफी हद तक कम कर दी हैं।
आगे की तैयारी
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जहां जरूरत हो, वहां नए शिविर खोलने में देरी न की जाए। साथ ही, राहत सामग्री की आपूर्ति और वितरण पर खास नजर रखने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
फिलहाल, प्रशासन और राहत कर्मी बाढ़ पीड़ितों की उम्मीदों का सहारा बने हुए हैं, और कोशिश यही है कि ये सहारा बाढ़ उतरने तक मजबूत बना रहे।


