
भागलपुर, 9 अगस्त 2025 — बाढ़ से बेहाल भागलपुर में जिला प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटा है। शनिवार को जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने खुद बाढ़ राहत शिविरों का जायजा लिया और पीड़ितों से सीधे बातचीत कर उनकी परेशानियां जानी।
DM सबसे पहले टीएनबी कॉलेजिएट के राहत शिविर पहुंचे, जहां बाढ़ से विस्थापित सैकड़ों लोग ठहरे हुए हैं। यहां उन्होंने आवास, भोजन, पीने के पानी, शौचालय, सफाई, मानव चिकित्सा और पशु चिकित्सा की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा।
भोजन चखकर लिया जायजा, संतुष्ट दिखे लोग
निरीक्षण के दौरान DM ने राहत शिविर में बैठकर भोजन कर रहे लोगों से खाने की गुणवत्ता पर फीडबैक लिया। लोगों ने बिना हिचक अपनी राय दी और बताया कि व्यवस्था अच्छी है। DM के सवाल पर कई लोगों ने मुस्कुराते हुए कहा, “खाना अच्छा है, कोई दिक्कत नहीं”।
बच्चों से की दोस्ताना बातें
टीएनबी कॉलेजिएट में रह रहे बच्चों से DM ने हालचाल पूछा और उन्हें पढ़ाई व खेल-कूद जारी रखने की सलाह दी। उन्होंने बच्चों को भरोसा दिलाया कि शिविर में पढ़ने और खेलने की व्यवस्था है और प्रशासन पूरी तरह उनके साथ है।
स्वास्थ्य शिविर में लगी भीड़, 108 लोगों की हुई जांच
DM इसके बाद सीटीएस चर्च मैदान में बने राहत शिविर पहुंचे। यहां उन्होंने स्वास्थ्य शिविर की पंजी देखी, जिसमें दर्ज था कि अब तक 108 लोगों की स्वास्थ्य जांच हो चुकी है। उन्होंने मौके पर मौजूद डॉक्टरों से बातचीत की और जरूरी दवाओं व उपचार पर चर्चा की।
रसोइयों को दिया विशेष निर्देश
खाना बनाने वाले रसोइयों को DM ने स्पष्ट हिदायत दी कि तेल और मसालों का प्रयोग कम से कम करें, ताकि बाढ़ पीड़ितों का पेट और स्वास्थ्य दोनों सुरक्षित रहे।
अधिकारियों की पूरी टीम साथ रही
निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन कुंदन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) विकास कुमार, उप नगर आयुक्त, वरीय उप समाहर्ता अंकिता कुमारी और कई स्थानीय अधिकारी मौजूद रहे।
बाढ़ पीड़ितों को मिला भरोसा
DM की इस पहल ने राहत शिविरों में रह रहे लोगों के मनोबल को बढ़ा दिया। जहां एक ओर लोग प्रशासन से त्वरित मदद की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं जिलाधिकारी के इस मैदानी दौरे ने साफ कर दिया है कि प्रशासन सिर्फ फाइलों में नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी सक्रिय है।


