पटना, 9 अगस्त 2025 — राजधानी पटना में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। नेपाल से नौकरी की तलाश में आई एक महिला के साथ बस के अंदर बलात्कार किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी कार्तिक राय और उसके सहयोगी सुनील कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
कैसे शुरू हुई कहानी?
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसकी सौतेली मां और सौतेले भाइयों ने उस पर पैसे कमाने का दबाव बनाया। मजबूरी में वह नेपाल स्थित अपना घर छोड़कर 3 अगस्त को सिलीगुड़ी होते हुए पटना पहुंची।
पाटलिपुत्र जंक्शन रेलवे स्टेशन पर रात गुज़ारते समय उसकी मुलाकात बस चालक कार्तिक राय से हुई। कार्तिक नेपाली भाषा बोलता था, जिससे उसने महिला का भरोसा जीत लिया और उसे नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले गया।
बस में हुआ अपराध
कार्तिक महिला को अपने सहयोगी सुनील कुमार के घर ले गया और फिर बस के अंदर उसके साथ बलात्कार किया। अपराध के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए बस की सफाई भी की।
एफआईआर में दर्ज है कि कार्तिक नियमित रूप से बीएमपी-1 से गांधी मैदान जवानों को लाता-ले जाता था और अक्सर महिला को गेट नंबर 5 के पास इंतजार करने के लिए कहता था, उसका फोन और पैसे अपने पास रखता था।
लोगों ने ऐसे बचाया
घटना के बाद महिला को गेट के पास रोते हुए देखा गया। वहां मौजूद दुकानदारों और गोरखा रेजिमेंट के जवानों ने उसे सांत्वना दी और गोरखा समाज समिति के अध्यक्ष सूरज थापा को बुलाया। सूरज थापा ने उसे कौशल नगर ले जाकर पुलिस से संपर्क करवाया।
गिरफ्तारी ड्रामा
- मुख्य आरोपी कार्तिक राय — मुजफ्फरपुर का रहने वाला, शादीशुदा, एक बेटा, नेपाली भाषा जानता है।
- घटना के बाद कोलकाता भाग गया, पीड़िता का सामान बेचा, फिर वापस लौटते समय बरौनी में ट्रेन से गिरफ्तार।
- उसके पास से पीड़िता का पहचान पत्र, नेपाली सिम कार्ड और अन्य सामान बरामद हुआ।
- सहआरोपी सुनील कुमार — औरंगाबाद से गिरफ्तार, कार्तिक को रसद व ठिकाना देने में मदद की थी।
पुलिस ने दोनों को अलग-अलग जगहों से धर दबोचा और बस को जब्त कर लिया।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पटना सेंट्रल एसपी दीक्षा ने बताया कि इस मामले की जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इस जघन्य वारदात में और लोग भी शामिल थे।


