
नई दिल्ली | 09 अगस्त 2025: आपकी रसोई का बजट अब कुछ हल्का होने वाला है। केंद्र सरकार ने घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए भारी-भरकम 42,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी को हरी झंडी दे दी है। इसमें उज्ज्वला योजना के तहत 12,060 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं, ताकि लाखों गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों को सस्ती एलपीजी मिलती रहे।
दोहरी राहत
कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्रीय संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इसके अलावा एलपीजी पर 30,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी भी मंजूर की गई है। इसका मकसद यह है कि गैस सिलेंडर की कीमतों में उतार-चढ़ाव का बोझ मध्यम वर्ग की जेब पर न पड़े।
मंत्री ने कहा — “उज्ज्वला योजना के तहत अब तक 52,000 करोड़ रुपये का लाभ सीधे लाखों परिवारों तक पहुंच चुका है। यह सब्सिडी रसोई में राहत पहुंचाने और महंगाई के असर को कम करने के लिए है।”
कैबिनेट ने और भी बांटी सौगातें
गैस सब्सिडी के साथ-साथ सरकार ने विकास और बुनियादी ढांचे पर भी खुला खजाना:
- 175 इंजीनियरिंग और 100 पॉलिटेक्निक कॉलेजों में बहुविषयक शिक्षा और शोध सुधार के लिए 4,200 करोड़ रुपये।
- तमिलनाडु में मरक्कनम-पुदुचेरी राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए 2,157 करोड़ रुपये।
- असम और त्रिपुरा के जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए 7,250 करोड़ रुपये।
राजनीतिक मायने भी
आर्थिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला सिर्फ महंगाई से राहत का उपाय नहीं, बल्कि 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले ग्रामीण और मध्यम वर्ग के वोटरों को लुभाने का बड़ा कदम भी है।


