सीतामढ़ी, 8 अगस्त 2025 — मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुनौरा धाम आगमन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक फर्जी “एंटी करप्शन पदाधिकारी” स्कॉर्पियो समेत पुलिस के हत्थे चढ़ गया। मामला एनएच-22 पर स्थित पटेढ़ा सराय टोल प्लाजा का है, जहां आरोपी ने पुलिस का लोगो और सरकारी पद का झांसा देकर वीआईपी लेन से निकलने की कोशिश की।
टोल पर VIP ड्रामा
घटना की FIR कार्यक्रम पदाधिकारी सिद्धार्थ शंकर सिन्हा ने सराय थाना में दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि वे सीएम नीतीश कुमार के पुनौरा धाम कार्यक्रम के दौरान वीवीआईपी ड्यूटी पर तैनात थे। सुबह करीब, उजले रंग की स्कॉर्पियो (BR 01PJ/4039) टोल प्लाजा की वीआईपी लेन में घुसी और टोल टैक्स को लेकर बहस छेड़ दी।
इस बहस से वहां जाम की स्थिति बनने लगी। स्कॉर्पियो के शीशे पर पुलिस का लोगो और “Anti Corruption Foundation of India” का स्टिकर चिपका था, जबकि गाड़ी के आगे एक बोर्ड पर लिखा था —
“Corruption Foundation of India, District Director, Patna Bihar under ITA & NITI Aayog, Government of India”
पहचान पूछने पर खुली पोल
संदेह होने पर गाड़ी रोकी गई और चालक से पहचान पूछी गई। उसने अपना नाम दीपक प्रसाद, पिता किशोर प्रसाद, निवासी थाना खगौल, जिला पटना बताया।
दीपक ने दावा किया कि वह एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ इंडिया का मेंबर है, लेकिन कोई संतोषजनक कागजात या पहचान पत्र नहीं दिखा पाया।
पुलिस लोगो का फर्जी इस्तेमाल
जांच में शक गहराया कि आरोपी पुलिस का लोगो और पदनाम का फर्जी इस्तेमाल कर रहा था। तुरंत दीपक प्रसाद और स्कॉर्पियो को आगे की कार्रवाई के लिए सराय थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया।
थानाध्यक्ष का बयान
सराय थानाध्यक्ष मणीभूषण ने बताया,
“मामले की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपी की पृष्ठभूमि, संगठन और गाड़ी से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जाएगा कि आरोपी ने इस फर्जी पहचान का उपयोग और किन-किन जगहों पर किया है।”


