तिलकामांझी विश्वविद्यालय में घोटाले का धमाका, छात्र संगठन का हंगामा — उच्चस्तरीय जांच की मांग

भागलपुर, 8 अगस्त —तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय एक बार फिर भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के आरोपों में घिर गया है। प्राचार्य नियुक्ति से लेकर PET परीक्षा तक में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगाते हुए अखिल बिहार छात्र एकता के संयोजक बमबम प्रीत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विश्वविद्यालय प्रशासन पर सीधा निशाना साधा और उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

छात्र नेता ने दावा किया कि पिछले तीन वर्षों में विश्वविद्यालय में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं। उनका आरोप है कि प्राचार्य नियुक्ति में चहेतों और सिफारिशी उम्मीदवारों को मौका दिया गया, जबकि UGC के मानकों को पूरा न करने वाले लोगों को भी नियुक्त कर दिया गया। इनमें डॉ. अवधेश रजक और डॉ. सत्येंद्र जैसे नाम शामिल बताए गए हैं।

सबसे चौंकाने वाला आरोप PET परीक्षा को लेकर है। पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज यादव पर आरोप है कि उन्होंने मूल्यांकन समिति का हिस्सा रहते हुए अपने बेटे को पास कराने के लिए अंकों में हेराफेरी की। छात्र संगठन ने मांग की है कि इस मामले की फॉरेंसिक जांच करवाई जाए।

बमबम प्रीत ने कहा, “मेहनती और योग्य छात्र दर-दर भटक रहे हैं, जबकि सिफारिश और पैसे के दम पर लोगों को कुर्सियां दी जा रही हैं।” उन्होंने टीएनबी कॉलेज, भागलपुर में प्रो. दीपो महतो की नियुक्ति को भी सीधा नियम उल्लंघन बताया।

छात्र संगठन ने कुलपति पर तत्काल कार्रवाई और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू करने की मांग रखी है, साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द जांच शुरू नहीं हुई तो आंदोलन का बिगुल फूंका जाएगा।


 

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