भागलपुर, 8 अगस्त —गंगा का उफान थमने का नाम नहीं ले रहा और इसका सबसे बड़ा शिकार बना है नाथनगर प्रखंड के रसीदपुर पंचायत का रत्तीपुर बैरिया गांव। लगातार बढ़ते जलस्तर ने गांव को चारों तरफ से घेर लिया है, और अब यह गांव एक अलग-थलग पड़ा टापू बन चुका है।
शहर से हर संपर्क टूट चुका है, जिससे ग्रामीणों का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लोग नावों और अस्थायी साधनों के सहारे जरूरी सामान मंगाने को मजबूर हैं। बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग सबसे ज्यादा संकट में हैं — न बिजली, न इलाज, न साफ पानी, बस चारों ओर बाढ़ का फैलता पानी और लाचारी का आलम।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस राहत या बचाव कार्य नहीं पहुंचा है, जिससे नाराज़गी और निराशा दोनों बढ़ रही हैं। ग्रामीणों ने सरकार से तुरंत राहत शिविर, सुरक्षित रास्ते और मेडिकल सहायता की मांग की है।
गांव के एक बुजुर्ग ने आक्रोश में कहा, “गंगा का पानी तो हर साल आता है, लेकिन सरकार की नावें कब आएंगी, इसका कोई भरोसा नहीं!”


