पटना, 7 अगस्त 2025: बिहार में स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए, परिवहन विभाग ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (PNGRB) के सहयोग से राजधानी पटना के होटल मौर्य में राज्य स्तरीय सीएनजी सेमिनार का आयोजन किया। इस सेमिनार का उद्देश्य राज्य में वैकल्पिक ईंधनों, विशेष रूप से सीएनजी (Compressed Natural Gas) के उपयोग को प्रोत्साहित करना तथा इससे संबंधित नीतियों, अवसरों और चुनौतियों पर चर्चा करना था।
अपर मुख्य सचिव ने किया उद्घाटन
सेमिनार का उद्घाटन परिवहन विभाग के अपर मुख्य सचिव मिहिर कुमार सिंह ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि—
“सीएनजी न केवल सस्ता और सुरक्षित ईंधन है, बल्कि यह प्रदूषण मुक्त परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम भी है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले में सीएनजी की सुलभता सुनिश्चित हो और सार्वजनिक परिवहन इसका अधिकतम उपयोग करे।”
BSRTC बस स्टैंडों पर बनेंगे सीएनजी स्टेशन
मुख्य सचिव ने ऐलान किया कि बीएसआरटीसी (BSRTC) के बस स्टैंडों सहित विभिन्न प्रमुख परिवहन केंद्रों पर सीएनजी स्टेशन स्थापित किए जाएंगे ताकि सार्वजनिक वाहनों को सुगमता से ईंधन उपलब्ध हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार सीएनजी को बढ़ावा देने हेतु सभी जरूरी नीतिगत सहयोग प्रदान करेगी।
जनजागरूकता अभियान चलाने की योजना
सेमिनार में यह भी बताया गया कि पीएनजी (Piped Natural Gas) और सीएनजी के उपयोग को लेकर एक व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान को बिजली उपभोक्ता डाटाबेस से जोड़कर लक्षित तरीके से लोगों तक पहुंचाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग स्वच्छ ईंधन के उपयोग के लिए प्रेरित हो सकें।
कचरे से संसाधन की ओर बढ़ता बिहार
नगर विकास एवं आवास विभाग के अपर सचिव विजय प्रकाश मीणा ने कहा कि राज्य सरकार अपशिष्ट प्रबंधन को सर्कुलर इकोनॉमी के रूप में बदलने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा:
“हमारा लक्ष्य कचरे से संसाधन की अवधारणा को साकार करना है, जिससे न सिर्फ ऊर्जा की बचत होगी, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों का भी संरक्षण सुनिश्चित होगा।”
सीएनजी: भविष्य का ईंधन
राज्य परिवहन आयुक्त आशुतोष द्विवेदी ने सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा:
“सीएनजी केवल वर्तमान नहीं, बल्कि भविष्य का भी ईंधन है। यह न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि आर्थिक रूप से भी फायदेमंद है। राज्य सरकार इसे अपनाने वालों के लिए सभी स्तरों पर सहयोग करने को तैयार है।”
तकनीकी प्रस्तुतियाँ और भविष्य की योजनाएं
सेमिनार में मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड सहित कई वाहन निर्माता कंपनियों और ऑयल कंपनियों द्वारा तकनीकी प्रस्तुतियाँ दी गईं। इन प्रस्तुतियों में सीएनजी वाहनों की कार्यप्रणाली, लागत-लाभ विश्लेषण और अवसंरचना निर्माण की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क (CGD) की स्थिति और संभावनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
38 जिलों में फैला सीएनजी नेटवर्क, मार्च 2026 तक 252 स्टेशन
गेल इंडिया लिमिटेड के महाप्रबंधक ने जानकारी दी कि अब बिहार के सभी 38 जिले सीएनजी नेटवर्क से जुड़ चुके हैं। अभी 197 सीएनजी स्टेशन संचालित हैं और मार्च 2026 तक 55 नए स्टेशन जोड़कर इनकी संख्या 252 तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने बताया कि:
- 1.5 लाख से अधिक ऑटो सीएनजी पर चल रहे हैं
- 1200 से ज्यादा सीएनजी बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं
- सीएनजी सिलेंडरों की सुरक्षा जांच के लिए परीक्षण इकाइयाँ भी सक्रिय की गई हैं
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
इस अवसर पर पीएनजीआरबी के सदस्य अंजनी कुमार तिवारी, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के सदस्य सचिव डॉ. नीरज नंदन, परिवहन विभाग के अपर सचिव प्रवीण कुमार, बीएसआरटीसी प्रशासक अतुल वर्मा, संयुक्त सचिव कृत्यानंद रंजन, उपसचिव अरुणा कुमारी, अर्चना कुमारी समेत बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि मौजूद थे।
बिहार सरकार द्वारा आयोजित यह सेमिनार न केवल नीतिगत संवाद का मंच बना, बल्कि यह भी साबित हुआ कि राज्य अब वैकल्पिक, स्वच्छ और सुरक्षित ईंधन की दिशा में ठोस कदम उठा चुका है। सीएनजी के क्षेत्र में नीति, निवेश और नवाचार को साथ लेकर बिहार एक हरित और स्वच्छ भविष्य की ओर अग्रसर है।


