भागलपुर, 6 अगस्त | तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में भारत के महामहिम राष्ट्रपति के संभावित आगमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। सोमवार पूर्वाह्न 11 बजे विश्वविद्यालय परिसर में जिलाधिकारी के नेतृत्व में उच्चस्तरीय निरीक्षण अभियान चलाया गया। सुरक्षा, स्वागत और आपदा प्रबंधन से जुड़े हर पहलू की गहन समीक्षा की गई।
प्रतिमा स्थल और प्रशासनिक भवन सहित कई क्षेत्रों का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान कुलपति , विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस-प्रशासन के पदाधिकारी और सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
प्रतिमा स्थल, मुख्य मंच, वीआईपी अतिथि कक्ष, प्रेस व्यवस्था, पेयजल सुविधा, यातायात मार्ग, अग्निशमन और एंबुलेंस जैसे बिंदुओं पर गंभीरता से चर्चा हुई।
गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंता, आपदा प्रबंधन पर फोकस
निरीक्षण दल का विशेष ध्यान गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर पर गया। बताया गया कि पानी प्रशासनिक भवन के पास तक आ सकता है, जिससे आपातकालीन परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। इसको लेकर जिला और विश्वविद्यालय प्रशासन ने संयुक्त आपदा प्रबंधन योजना पर काम शुरू कर दिया है। तटबंध क्षेत्रों की निगरानी और वैकल्पिक व्यवस्था की रणनीति बनाई जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था होगी फुलप्रूफ, सीसीटीवी और नियंत्रण कक्ष की तैयारी
जिला प्रशासन ने राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही है। परिसर में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने, अस्थायी नियंत्रण कक्ष स्थापित करने, वॉच टावर निर्माण, बैरिकेटिंग और दुर्घटना निवारण उपायों पर चर्चा की गई।
कुलपति बोले – “विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण”
कुलपति ने कहा:
“यह विश्वविद्यालय परिवार के लिए गौरव का विषय है कि महामहिम राष्ट्रपति के आगमन की संभावना है। हम पूरी गरिमा और अनुशासन के साथ कार्यक्रम आयोजित करने को प्रतिबद्ध हैं। सुरक्षा से लेकर स्वागत तक हर पहलू की तैयारी सुनिश्चित की जा रही है।”
अभी नहीं हुई आधिकारिक पुष्टि, लेकिन तैयारियों को मिल रहा अंतिम रूप
हालांकि राष्ट्रपति कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन संभावित तिथि को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने संकेत दिया है कि राष्ट्रपति दौरे की रूपरेखा जल्द ही सार्वजनिक की जाएगी।


