भागलपुर, 5 अगस्त 2025: भूमि से जुड़े दस्तावेजों की त्रुटियों को दूर करने और जनता को सीधे लाभ देने के उद्देश्य से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार द्वारा “राजस्व महा-अभियान” चलाया जा रहा है। यह अभियान 16 अगस्त से 20 सितम्बर 2025 तक चलेगा, जिसमें आम लोगों को उनके हल्का स्तर पर ही समाधान उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
पूर्व तैयारी के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
अभियान के सुचारू क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन समीक्षा भवन, भागलपुर में किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि—
“इस अभियान का उद्देश्य है कि जनता को पारदर्शी, त्वरित और तकनीकी रूप से सक्षम व्यवस्था के माध्यम से भूमि संबंधी त्रुटियों से राहत दिलाई जाए।”
राजस्व महा-अभियान के तीन चरण:
- पूर्व तैयारी (Pre-preparation)
- वास्तविक क्रियान्वयन (Execution Phase)
- अनुवर्ती गतिविधियाँ (Follow-up Activities)
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि तीनों चरणों के तहत निर्धारित सभी कार्य समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरे किए जाएं।
प्रमुख कार्यों में होंगे सुधार:
- जमाबंदी त्रुटि सुधार
- उत्तराधिकारी नामांतरण
- बंटवारा नामांतरण
- छूटी हुई जमाबंदियों का डिजिटलीकरण
इन कार्यों के लिए ऑनलाइन जमाबंदी पंजी का प्रिंट और तीन प्रकार के प्रपत्र 16 से 19 अगस्त तक रैयतों को वितरित किए जाएंगे।
हल्का स्तर पर होगा समाधान, 10 अमीन रहेंगे साथ
20 अगस्त से हल्का स्तर पर शिविरों का आयोजन शुरू होगा।
- प्रत्येक शिविर में राजस्व कर्मचारी प्रभारी होंगे।
- उनके साथ 10 सर्वे अमीन तैनात रहेंगे।
- आवेदन लैपटॉप से现场 अपलोड किए जाएंगे।
- एक सप्ताह बाद पुनः उसी स्थल पर शिविर लगाया जाएगा ताकि लंबित मामलों का निराकरण हो सके।
अंचल स्तर पर भी होगा प्रशिक्षण
- 7 अगस्त तक सभी अंचलों में राजस्व कर्मचारी एवं सर्वे अमीनों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- प्रशिक्षण के बाद सभी संबंधितों को कार्य आरंभ करने का निर्देश दिया जाएगा।
जिला स्तरीय प्रशिक्षण में प्रमुख अधिकारी हुए शामिल:
- उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह
- सहायक समाहर्ता जतिन कुमार
- अपर समाहर्ता दिनेश राम
- जिला बंदोबस्त पदाधिकारी अजय कुमार
- प्रभारी राजस्व पदाधिकारी राजकुमार
- डीसीएलआर सदर अपेक्षा मोदी
- डीसीएलआर नवगछिया
- वरीय उप समाहर्ता अंकित चौधरी
- सभी अंचलाधिकारी, कानूनगो, राजस्व पदाधिकारी एवं बंदोबस्त कर्मी
यह महा-अभियान जनता को “राजस्व आपके द्वार” की अवधारणा से जोड़ता है। ज़िले भर में जमीन संबंधी त्रुटियों के समाधान के लिए अब लोगों को अंचल कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे, बल्कि प्रशासन खुद उनके पास पहुंचेगा। भागलपुर प्रशासन की यह पहल डिजिटल और जनसहभागी सुशासन का सशक्त उदाहरण है।


