द्वितीय सतर्कता सम्मान समारोह में परिवादियों और अधिकारियों को किया गया सम्मानित
पटना, 05 अगस्त 2025: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा उल्लेखनीय कार्रवाई की जा रही है। मंगलवार को द्वितीय सतर्कता सम्मान समारोह सह कार्यशाला का आयोजन निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के सभागार में किया गया, जिसमें भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक भूमिका निभाने वाले परिवादियों और अधिकारियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता निगरानी के महानिदेशक जितेन्द्र सिंह गंगवार ने की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 के पहले सात महीनों में 16 भ्रष्ट लोकसेवकों को अदालत से सजा दिलाई जा चुकी है, जो अब तक का एक रेकॉर्ड है। इनमें से 12 लोकसेवकों को जनवरी से जून के बीच दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई है।
रंगेहाथ गिरफ्तारी में बढ़ी कार्रवाई
महानिदेशक गंगवार ने बताया कि वर्ष 2025 की पहली छमाही में ही 45 भ्रष्ट लोकसेवकों को रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया गया है। तुलना करें तो वर्ष 2024 में मात्र 12 लोकसेवकों की गिरफ्तारी हुई थी।
उन्होंने कहा:
“यह सफलता तभी संभव हुई जब परिवादी, अनुसंधानकर्ता, सत्यापनकर्ता, लोक अभियोजक और धावादल के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया।”
परिवादियों को मिला सम्मान, जज्बे की सराहना
इस अवसर पर कैमूर के आफताब आलम और नालंदा के परमानन्द कुमार को प्रशस्तिपत्र और हरित पौधे के गमले देकर सम्मानित किया गया। इन दोनों की सतर्कता और साहस से भ्रष्टाचारियों को रंगेहाथों पकड़ा गया।
श्री गंगवार ने कहा:
“हम केवल सजा प्राप्त मामलों की नहीं, बल्कि उन मामलों की भी समीक्षा कर रहे हैं जहां आरोपी बरी हुए हैं, ताकि जांच की खामियों को समझा जा सके।”
सेवानिवृत्त अधिकारियों को मिलेगा भत्ता
निगरानी महानिदेशक ने यह भी घोषणा की कि सेवानिवृत्त अधिकारी यदि निगरानी मामलों में कोर्ट में गवाही देने आते हैं, तो उन्हें दो दिन का दैनिक भत्ता एवं यात्रा भत्ता दिया जाएगा।
समारोह में अधिकारियों की उपस्थिति
इस कार्यक्रम में आईजी गरिमा मल्लिक, डीआईजी नवीन कुमार झा, एसपी मृत्युंजय कुमार चौधरी, समेत निगरानी ब्यूरो के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आईजी गरिमा मल्लिक ने कहा:
“किसी भी भ्रष्ट लोकसेवक को सजा दिलाने में सबसे अहम भूमिका परिवादी की होती है। इसके बाद टीमवर्क से ही न्याय सुनिश्चित होता है।”
सम्मान समारोह में शामिल प्रमुख वर्ग:
- भ्रष्टाचार के खिलाफ सूचना देने वाले परिवादी
- रंगेहाथ पकड़ने वाले निगरानी अधिकारी
- अनुसंधानकर्ता और सत्यापनकर्ता
- लोक अभियोजक और धावादल के सदस्य
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के इस प्रयास ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि बिहार सरकार भ्रष्टाचार को लेकर किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगी। यह सम्मान समारोह न केवल ईमानदार नागरिकों को प्रोत्साहन देता है, बल्कि प्रशासनिक मशीनरी को भी सशक्त बनाता है।


