रोजगार, कृषि और संपर्क में आई गति, संवेदकों को Rural Road Repair Vehicle रखने का निर्देश
पटना, 05 अगस्त 2025: बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना (एमएमजीएसयूवाई) और उससे जुड़ा सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों की दिशा और दशा दोनों बदल रहा है। अब यह योजना केवल सड़कों के रखरखाव तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और सामाजिक सशक्तिकरण की रीढ़ बन गई है।
30,545 किमी लंबाई की सड़कों को मिली स्वीकृति, 20,998 किमी पर कार्य प्रारंभ
अबतक इस योजना के तहत 17,927 ग्रामीण पथों को प्रशासनिक स्वीकृति दी जा चुकी है, जिनकी कुल लंबाई 30,545.378 किमी है। इनमें से 11,985 पथों पर, जो कुल 20,998 किमी के हैं, निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। राज्य सरकार ने इन्हें वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
ये सड़कें अब हजारों गांवों को हर मौसम में निरंतर संपर्क, बाजारों, स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों तक आसान पहुंच जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं।
सड़क सुदृढ़ीकरण के लिए विशेष प्रबंधन योजना लागू
राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम को भी लागू किया है, जो एमएमजीएसयूवाई का ही विस्तारित रूप है। इस कार्यक्रम को राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा नवंबर 2024 में स्वीकृति दी गई थी।
इस योजना के अंतर्गत:
- प्रत्येक पथ का दो बार कालीकरण किया जाएगा।
- Riding Quality बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी।
- सभी संवेदकों को Rural Road Repair Vehicle रखना अनिवार्य किया गया है, ताकि किसी भी खराबी का समयबद्ध समाधान हो सके।
- पांच वर्षीय अनुरक्षण अवधि के पश्चात सड़कों का पुनरुद्धार कर उन्हें उन्नत किया जाएगा।
गांवों की अर्थव्यवस्था को मिली नई रफ्तार
इस योजना ने स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं।
- किसानों को अपनी उपज के लिए बड़ा बाजार मिला है।
- दूध व्यवसाय, ग्रामीण पर्यटन और छोटे व्यापार को गति मिली है।
- गांव से शहर तक आसान पहुंच के कारण नकदी का प्रवाह बढ़ा है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में स्पष्ट सुधार देखा जा रहा है।
खासतौर पर किसानों को अब अपनी फसलें समय पर मंडी तक पहुंचाने की सुविधा मिल रही है, जिससे न केवल गुणवत्ता बनी रहती है, बल्कि उचित मूल्य भी सुनिश्चित होता है।
मुख्यमंत्री का सपना साकार होता दिख रहा है
बिहार सरकार की यह पहल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस विजन को साकार करने की दिशा में है, जिसमें उन्होंने कहा था — “राज्य के किसी भी कोने से राजधानी पटना की दूरी 4 घंटे में तय की जा सके।”
इस योजना से यह सपना अब सच्चाई की ओर अग्रसर है।


