बेरोजगारी से बिजनेस तक: बांका के युवाओं की प्रेरक उड़ान

मुख्यमंत्री उद्यमी योजनाओं से मिली आर्थिक मदद, अब कई परिवारों को दे रहे हैं रोजगार

पटना/बांका, 4 अगस्त।बिहार सरकार की मुख्यमंत्री उद्यमी योजनाएं आज युवाओं के लिए आशा की नई किरण बन गई हैं। विशेष रूप से बांका जिले के कई युवा और महिलाएं इन योजनाओं की मदद से स्वरोजगार के साथ-साथ दूसरों के लिए भी रोजगार सृजित कर रहे हैं। ये प्रेरणादायक कहानियां राज्य के सामाजिक और आर्थिक बदलाव की ज़मीन तैयार कर रही हैं।

रेडीमेड गारमेंट्स से 20 परिवारों तक पहुंचा रोजगार

बांका के मंतोष कुमार ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 10 लाख रुपये की सहायता से रेडीमेड गारमेंट्स व्यवसाय की शुरुआत की। आज वे 8 लोगों को प्रत्यक्ष और 20 परिवारों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार दे रहे हैं। उनका वार्षिक टर्नओवर 50 लाख रुपये तक पहुंच चुका है।

आइसक्रीम यूनिट से लाखों की कमाई

मुकेश कुमार, जो कभी ट्यूशन पढ़ाकर जीवनयापन करते थे, आज एक सफल उद्यमी हैं। उन्हें 9 लाख रुपये की सहायता मिली और उन्होंने एक आइसक्रीम उत्पादन इकाई शुरू की। अब वे 8 लोगों को रोजगार दे रहे हैं और उनकी सालाना कमाई 10 लाख रुपये हो चुकी है। वे कहते हैं, “अब मैं खुद की कंपनी चला रहा हूं, यह सपना उद्योग विभाग की वजह से पूरा हुआ।”

नोटबुक निर्माण से बढ़ी उम्मीदें

रंजीत कुमार सिंह ने नोटबुक निर्माण इकाई की स्थापना कर दो अन्य परिवारों को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया है। उनका टर्नओवर भी 10 लाख रुपये के आसपास पहुंच चुका है।


महिलाएं भी बना रही हैं आत्मनिर्भरता की मिसाल

बेकरी यूनिट से बदली भाग्यश्री की दुनिया

भाग्यश्री देवी को मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना से 10 लाख रुपये की मदद मिली। उन्होंने बेकरी उत्पादन इकाई शुरू की और अब 8 लोगों को रोजगार दे रही हैं। उनकी पहल से 7 परिवारों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है।

रूबी देवी का पोहा उद्योग बना आजीविका का आधार

रूबी देवी ने चूड़ा (पोहा) उत्पादन इकाई शुरू कर 8 लोगों को रोजगार दिया है। उनका वार्षिक टर्नओवर 12 लाख रुपये तक पहुंच गया है और वे 5 परिवारों को स्थायी आय का स्रोत उपलब्ध करा रही हैं।


बांका की कहानियां बनीं राज्य की प्रेरणा

बांका जिले से सामने आई ये कहानियां यह दर्शाती हैं कि सही मार्गदर्शन और आर्थिक सहायता से युवा किसी भी स्थिति से उठकर आगे बढ़ सकते हैं। मुख्यमंत्री उद्यमी योजनाएं न केवल स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर रही हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बना रही हैं।


 

  • Related Posts

    पटना में नीति आयोग का ‘महामंथन’ संपन्न! अब ‘बैंक’ नहीं, ‘वन-स्टॉप शॉप’ बनेंगे पैक्स (PACS); 10 राज्यों के सफल मॉडलों से बदलेगी बिहार के गांवों की सूरत

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    ममता सरकार बनाम चुनाव आयोग: IAS-IPS तबादलों पर कानूनी जंग, TMC पहुंची हाई कोर्ट

    Share Add as a preferred…

    Continue reading