मुजफ्फरपुर, बिहार।बिहार में कानून-व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। मुजफ्फरपुर जिले के करजा थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़कागांव इलाके में शनिवार की शाम एक सनसनीखेज लूटकांड को अंजाम दिया गया। बाइक सवार पांच हथियारबंद बदमाशों ने एक एलपीजी गैस एजेंसी पर धावा बोला, ऑफिस में बैठे मैनेजर को गोलियों से भून डाला और नकदी लेकर फरार हो गए।
घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बदमाशों की एंट्री ही ‘धांय-धांय’ से हुई। जैसे ही वे एजेंसी परिसर में घुसे, ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी और अंदर घुसते ही सीधे प्रबंधक धीरज शाही को निशाना बना डाला। गोली लगने के बाद धीरज लहूलुहान हालत में गिर पड़े।
स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही थी, हालांकि अब डॉक्टरों के मुताबिक उनकी स्थिति स्थिर है। घटना के वक्त एलपीजी एजेंसी में अन्य कर्मचारी भी मौजूद थे, लेकिन किसी ने डर के मारे विरोध करने की हिम्मत नहीं की।
कैश लूटकर फरार, CCTV में कैद हुए चेहरे
घटना के बाद बदमाशों ने एजेंसी की कैश ड्रॉअर से बड़ी रकम निकाली और फायरिंग करते हुए फरार हो गए। पुलिस को शक है कि बदमाश पहले से रेकी कर रहे थे और प्रबंधक की दिनचर्या और कैश कलेक्शन की जानकारी लेकर ही आए थे।
SP राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया कि घटना के बाद इलाके की सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं और CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। शुरुआती जांच में बदमाशों की पहचान के कुछ सुराग मिले हैं, जिन पर कार्रवाई तेज कर दी गई है।
शहर में दहशत का माहौल, प्रशासन पर उठे सवाल
इस दुस्साहसिक लूटकांड ने एक बार फिर पुलिस गश्ती और खुफिया तंत्र की पोल खोल दी है। स्थानीय व्यापारियों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि गैस एजेंसी जैसे संवेदनशील संस्थानों की कोई सुरक्षा नहीं है और अपराधी खुलेआम हथियार लेकर घूम रहे हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं शुरू
घटना के बाद विपक्ष ने भी नीतीश सरकार पर निशाना साधा है। राजद और कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बिहार में अपराधी बेलगाम हो चुके हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है।
पुलिस का दावा:
“हमारे पास ठोस सुराग हैं। जल्दी ही अपराधी सलाखों के पीछे होंगे।” – एसपी राजेश सिंह प्रभाकर


