पटना में 31 जुलाई की दोपहर एक घर से धुआं उठा… अंदर जो मंजर था, उसने पुलिस को भी हिला दिया।
बेड पर दो जली हुई लाशें — एक लड़की और उसका भाई। दरवाजा बाहर से बंद था। कोई सामान गायब नहीं… और वारदात इतनी खौफनाक कि पूरा शहर सन्न रह गया।
“अगर मेरी नहीं हुई, तो किसी और की भी नहीं होने दूंगा”
19 साल का शुभम, जो अंजली से एकतरफा प्यार करता था, ने इश्क की दीवानगी में दो जानें ले लीं।
- पहले दोस्त रौशन के साथ अंजली के घर पहुंचा
- अंजली का भाई अंशु सो रहा था – ईंट से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी
- फिर अंजली को भी मौत के घाट उतार दिया
- केरोसिन डालकर दोनों की लाशों को आग के हवाले कर दिया… ताकि कोई सबूत न बचे
और हैरानी की बात यह कि वारदात के बाद शुभम कहीं भागा नहीं। सोचा पुलिस पकड़ नहीं पाएगी।
जमीन पर जलते शव, ऊपर उड़ता धुआं… और पीछे छूट गई प्यार की वहशत
पुलिस जब तहकीकात में जुटी तो पहले स्कूल पहुंची। वहां से कनेक्शन मिला – अंजली, शुभम और रौशन तीनों एक ही स्कूल से जुड़े थे।
दोस्ती, प्यार और फिर धोखा… इस क्राइम स्टोरी का यही ट्रैक बन गया।
7 दिन की प्लानिंग, 50 रुपए की केरोसिन, और 2 लाशें
शुभम ने दुकानदार से बोला – “चूल्हा जलाना है, केरोसिन दे दो।”
असल में वो इश्क की आग में सब कुछ जलाना चाहता था।
माता-पिता ड्यूटी पर, बच्चे आग में झुलस गए
दोनों बच्चे स्कूल से लौटे थे। मां-पिता AIIMS में ड्यूटी पर थे।
जब फोन नहीं उठा, तो मां बेचैन हुई। घर पहुंचते ही दिखा मौत का वो मंज़र… जिसने सबको तोड़ कर रख दिया।
हंगामा, प्रदर्शन और विधायक पर केस
घटना के बाद पूरे मोहल्ले में बवाल मचा।
सड़क जाम, हंगामा, नारेबाजी – विधायक गोपाल रवि दास समेत 50 लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई।
SP बोले – “शुभम को कतई पछतावा नहीं, चेहरा एकदम ठंडा”
सिटी SP भानु प्रताप सिंह ने कहा – “इतनी बड़ी घटना के बाद भी शुभम नॉर्मल था, जैसे कुछ हुआ ही नहीं।”


